Logo
May 23 2018 04:36 AM

अरबपति परोपकारी के 5 आविष्‍कारों ने बदल डाली दुनिया की तस्वीर

Posted at: Oct 11 , 2017 by Dilersamachar 5179

दिलेर समाचार, भारत में जन्‍मे अरबपति उद्यमी और परोपकारी मनोज भार्गव का यह मानना है कि जिनके पास भी धन-संपदा है, उनका यह कर्तव्‍य है कि ऐसे लोगों की सेवा करें जिनके पास धन नहीं है. इसके लिए ही उन्‍होंने बिलियन्‍स इन चेंज मूवमेंट की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्‍य दुनिया की बदकिस्मत करीब आधी आबादी के लिए ऐसे उपयोगी आविष्‍कार करना है जिनसे अरबों लोगों के जीवन की गुणवत्‍ता में सुधार हो सके. उन्‍होंने अपनी संपत्‍त‍ि का 99 फीसदी से ज्‍यादा समाज के इस वर्ग के जीवनस्‍तर में सुधार के लिए लगाने का वचन दिया है और इसके लिए वह ऐसे आविष्‍कारों के विकास और नियोजन में आर्थ‍िक सहयोग करेंगे जिनसे लोगों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके.

भार्गव के जनकल्‍याण के प्रति इस विशिष्‍ट रवैये को सबसे पहले 2015 की डॉक्‍यूमेंट्री फिल्‍म बिलियन्‍स इन चेंज में दर्शाया गया था, जिसमें स्‍टेज-2, भार्गव के फार्मिंग्‍टन हिल्‍स, मिशिगन (यूएसए) स्थित इन्‍वेंशन शॉप, द्वारा तैयार चार समाधान दिखाए गए हैं, जो ऊर्जा, जल और स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े हैं. भार्गव ने कहा, ‘प्रकाश, साफ जल और पौष्‍ट‍िक भोजन ही स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा और जीविका की बुनियाद हैं.’ उन्‍होंने कहा, ‘इनके बिना उत्‍पादक जीवन जीना और अपने परिवार की देखभाल कर पाना असंभव है.’

बिलियन्‍स इन चेंज 2 इस तरह की आई पहली डॉक्‍यूमेंट्री की अगली कड़ी है और इसमें पूरी तरह से नए पांच आविष्‍कारों की जानकारी दी गई है जो कि उक्‍त बुनियादी जरूरतों का सीधा समाधान करते हैं.

यहां डॉक्‍यूमेंट्री में दर्शाए गए पांच समाधानों पर हम एक नजर डालते हैं, जिनका फील्‍ड परीक्षण हो चुका है और जिनमें इस्‍तेमाल करने वाले लोगों का जीवन बदल सकने की संभावना है.

आइए हम आपको बताते हैं कौन से हैं ये पांच नए आविष्कार :

1. बिजली तक भरोसेमंद पहुंच की कमी को किया गया दूर

The HANS™ PowerPack-द हंस पावर पैक एक हल्का पोर्टेबल डिवाइस है जिससे कोई भी आसानी से बुनियादी इस्तेमाल जैसे, लाइट, पंखा और मोबाइल डिवाइस आदि के लिए आसानी से बिजली का उत्पादन कर सकता है और उसे संग्रहित कर सकता है. इसमें एक स्पॉट लाइट और रूम लाइटिंग, एक यूएसबी पोर्ट और छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स को चलाने के लिए 12 वोल्ट  का आउटलेट शामिल है. इसमें बने बिल्ट-इन सोलर पैनल द हंस सोलर ब्रीफकेस (the HANS™ Solar Briefcase) या द हंस फ्री इलेक्ट्रिक बाइक (the HANS™ Free Electric bike) की मदद से इसे मुफ्त में रीचार्ज भी किया जा सकता है. इसे किसी रेगुलर वॉल सॉकेट की मदद से बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है. जिन जगहों पर 2 से 3 घंटे रोज बिजली आती है, वहां पर द हंस पावर पैक को इस दौरान चार्ज कर बाद में बिजली कटौती के दौरान इस्तेमाल किया जा सकता है. द हंस पावर पैक का निर्माण उसी पदार्थ से किया गया है, जिससे बुलेटप्रूफ शीशे का निर्माण किया जाता है और इसमें 12 साल की वारंटी भी दी जाती है, जिससे यह काफी लंबे समय तक चलता है.

2. सौर ऊर्जा अब सबकी पहुंच में

HANS™ Solar Briefcase-हंस सोलर ब्रीफकेस एक हल्का, पोर्टेबल और इस्तेमाल करने में आसान सोलर पैनल्स का सेट है जिसके द्वारा दुनिया में कहीं भी हंस पावर पैक का इस्तेपमाल किया जा सकता है. पोर्टेबिलिटी और टिकाऊपन को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हंस सोलर ब्रीफकेस में उन तमाम गंभीर समस्याओं को दूर किया जा सकता है, जिनकी वजह से सौर ऊर्जा के लिए ग्लास रूफटॉप पैनल अव्यावहारिक हो जाते हैं.

हंस पावर पैक और हंस सोलर ब्रीफकेस साथ मिलकर एक ऐसे मिनी पावर स्टेशन जैसे हो जाते हैं, जिनमें न तो किसी तरह के ईंधन खरीदने की जरूरत पड़ती है और न ही प्रदूषण होता है. ये एक ऐसी समस्या का समाधान करते हैं जिनसे दुनिया के करीब 3 अरब लोग परेशान हैं: बिजली तक भरोसेमंद पहुंच न हो पाना.

3. सभी गांवों को अब मिलेगा पेयजल

खारे जल के लिए रेनमेकर (RainMaker for Brackish Water) – गांवों में इस्तेमाल होने वाले वाटर फिल्ट्रेशन यूनिट के द्वारा खारे जल से नमक और अन्य खनिज निकाल दिए जाते हैं, जिससे इस जल का इस्तेमाल पेयजल और खेती, दोनों तरह के इस्तेमाल के लिए किया जा सकता है. इस डिवाइस को आसानी से किसी जल स्रोत से जोड़ा जा सकता है. इसके लिए किसी जनरेटर से मामूली बिजली का इस्तेतमाल किया जा सकता है और यह तत्काल काम करना शुरू कर देता है.

4. किसी भी तरह के गंदे जल को साफ करना अब संभव

गंदे जल के लिए रेनमेकर (RainMaker for Grey water) - यह एक छोटी-सी यूनिट होती है, जिसमें किसी भी तरह के गंदे जल-जैसे नदी का पानी, सीवेज वाटर, बैक्टीरिया से भरा पानी, कुएं का पानी, आदि को शुद्ध करने के लिए कई फिल्टर का इस्तेमाल किया जाता है. इसे गांवों में इस्तेेमाल के लिहाज से बनाया गया है और इसे आसानी से स्थापित तथा इस्तेमाल किया जा सकता है. बिजली न रहने पर रेनमेकर फॉर ग्रे वाटर को किसी मैनुअल पंप या बाइक पंप के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.

5. अब किसान मुफ्त में खुद ही तैयार कर सकते हैं उर्वरक

शिवांश फर्टिलाइजर- यह आविष्कार उन अरबों ग्रामीण किसानों की मदद करेगा जो रासायनिक उर्वरकों की कमरतोड़ महंगाई की वजह से अपने परिवार को पालने-पोषने में खुद को अक्षम पा रहे हैं. शिवांश फर्टिलाइजर उर्वरक निर्माण करने का एक आसान और बिना किसी लागत वाला तरीका है, जिसमें खेत के आसपास ही पाए जाने वाले पेड़-पौधों की सूखी लकड़ि‍यों-पत्त‍ियों आदि, ताजी घास, फसलों के अवशेष, जानवरों के मल आदि का इस्तेमाल किया जाता है. इससे करीब 18 दिन बाद और बहुत कम रखरखाव के साथ ही एक पोषणयुक्त खाद तैयार हो जाता है. खेतों में इस उर्वरक के इस्तेमाल से एक बुवाई सीजन के भीतर ही मिट्टी उपजाऊ हो जाती है. उर्वरक तैयार करने के इस तरीके की खोज और परिशोधन का प्रायोजक द हंस फाउंडेशन है, जो भारत के सबसे बड़े चैरिटेबल संस्थाओं में से एक है. इसे श्री भार्गव ने भी आर्थिक सहयोग दिया है.

द बिलियन्स इन चेंज के आविष्कारों में ऐसे डिवाइस भी शामिल हैं जो पीने और खेती की जरूरत के लिए ताजा जल तैयार करने, घरों, स्कूल और कारोबारी प्रतिष्ठानों को मुफ्त में बिजली देने वाले प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक जनरेटर, फसल की पैदावार, गुणवत्ता और किसानों की आय बढ़ाने वाले कृषि तकनीक और बीमारियों की मूल वजह का समाधान करने वाले हेल्थ केयर सॉल्यु‍शन मुहैया करते हैं. द बिलियन्स  इन चेंज मूवमेंट में इसके फाउंडर मनोज भार्गव, स्टेज 2 (फार्मिंग्टन हिल्स, मिशिगन में इन्वेंशन शॉप), द हंस फाउंडेशन (भारत में तमाम समाधान इस्तेसमाल में लाने के लिए जिम्मे‍दार संगठन) और दुनिया भर के लाखों समर्थक और स्वयंसेवक शामिल हैं.

ये भी पढ़े: रैगिंग के आरोप में IIT कानपुर के 22 छात्र किए गए निलंबित


Tags:

Related Articles

Popular Posts

Photo Gallery

STAY CONNECTED