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July 20 2018 08:06 PM

मोटापे को लेकर भारत पहुंचा तीसरे स्थान पर

Posted at: Oct 12 , 2017 by Dilersamachar 5163

दिलेर समाचार, भारत में अब तक गरीबी औऱ कुपोषण एक गंभीर समस्या थी, लेकिन अब तेजी से बढ़ रहा मोटापा महामारी का रूप ले सकता है. यह बात भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के एक अध्ययन में कही गई है. अभी तक दुनिया के बाकी देशों में ही मोटापे की समस्या पैर पसार रही थी, लेकिन अब भारत में भी मोटापा बढ़ता जा रहा है. एक महत्वपूर्ण अध्ययन के मुताबिक देश की सवा सौ करोड़ आबादी में से करीब 13 फीसदी लोग मोटापे से पीडित हैं. कुपोषण के मुकाबले मोटापा आने वाले दिनों में एक गंभीर चुनौती के रुप में सामने आएगा. पश्चिमी सभ्यता के चलते जंक फुड, फास्ट फुड, सॉफ्ट ड्रिंक्स, खान-पान की अनियमितता और बदलती लाइफ स्टाइल की वजह से भारत में भी कई लोग तेजी से मोटापे के शिकार हो रहे हैं. मोटापे की वजह से कई गंभीर बीमारियां लोगों के शरीर में घर कर रही हैं. इनमें ब्लड-प्रेशर, दिल की बीमारी, डायबिटीज, स्लीप एप्निया, जोड़ों का दर्द औऱ थायराइड जैसी कई जानलेवा बीमारी होती है. औसत से ज्यादा मोटापे की वजह से यह बीमारियां खुद-ब-खुद चली आती हैं. यही वजह है कि मोटापा जानलेवा साबित हो जाता है.

दुनिया में 15 फीसदी लोग गंभीर मोटापे से ग्रसित हैं. भारत मोटापे के मामले में तीसरे नंबर पर है. पहले पायदान पर यूनाइटेड स्टेट आफ अमेरिका है जहां 15 से 18 फीसदी लोग मोटापे की चपेट में हैं. चीन में ऐसे लोगों का हिस्सा 10 फीसदी है, तो तीसरे नंबर पर भारत है जहां 5 से 8 प्रतिशत लोग मोटापे की समस्या से जुझ रहे हैं. टाइप-2 डायबिटीज से देश के 5 करोड़ लोग ग्रसित हैं. डब्ल्यूल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक फिलहाल देश में इस बीमारी से पीड़ित मध्यम औऱ निम्न मध्यमवर्गीय 80 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है और यह आंकड़ा 2016 से 2030 के बीच दोगुना हो जाएगा. इसी प्रकार 'द लांस ग्लोबल हेल्थ' के मुताबिक दुनिया में हार्ट अटैक से मरने वालों की सबसे ज्यादा तादात भारत में है. भारत में इसकी मृत्युदर 23 फीसदी, जबकि साउथ-ईस्ट एशिया में 15 फीसदी, चीन में 7, साउथ अफ्रीका में 9 और वेस्ट एशिया में 9 फीसदी है. दोनों ही गंभीर बीमारियों के पीछे सबसे बड़ी वजह मोटापा ही है.

  ऐसी तमाम गंभीर बीमारियों से ग्रसित मोटे व्यक्ति का मोटापा दूर होते ही ये बीमारियां भी गायब हो जाती हैं. औसत से अधिक मोटे यानी जिनका बॉडी मास इंडेक्स 32.5 से अधिक हो, उनके लिये बेरियाट्रिक सर्जरी बड़ी कारगर है.

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