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December 10 2018 06:01 AM

गलत साबित होने पर राजनीति छोड़ने को तैयार हुए कुशवाहा

Posted at: Dec 4 , 2018 by Dilersamachar 5199

दिलेर समाचार, पटना। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री व रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय विद्यालय और एनसीईआरटी के क्षेत्रीय कार्यालय आदि के लिए जमीन तक नहीं दी।

दूसरी ओर नीतीश सरकार और उनकी पार्टी द्वारा मुझ पर केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कुछ नहीं करने का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने नीतीश कुमार को चुनौती दी कि अगर वह मुझे गलत साबित कर देंगे तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

कुशवाहा ने राज्य के शिक्षा मंत्री और जदयू नेताओं के आरोपों के जवाब में कहा कि बिहार से मात्र दो केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए प्रस्ताव केंद्र के पास गया। सात अगस्त, 2018 को ही स्वीकृति प्रदान की गई, लेकिन अब तक ये स्कूल बन नहीं पाए, जबकि इसके साथ अन्य राज्यों के लिए स्वीकृत किए गए केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई भी आरंभ हो गई है।

बिहार में ये स्कूल औरंगाबाद के देवकुंड और नवादा में खुलने थे। उन्होंने कहा कि इन दो स्कूलों की शीघ्र स्थापना के लिए केंद्रीय मंत्री रहने के बावजूद आठ दिसंबर को औरंगाबाद और नौ दिसंबर को नवादा में उपवास करेंगे। उनके मुताबिक, एनसीईआरटी के क्षेत्रीय कार्यालय के लिए भी जमीन नहीं दी गई। कुशवाहा ने कहा कि मुझपर यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि मैंने अपनी 25 सूत्री मांग से पहले अवगत नहीं कराया। जबकि सवा साल पहले गांधी मैदान में रैली कर शिक्षा में सुधार के लिए 25 सूत्री मांग को सार्वजनिक किया गया।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। राज्य सरकार और जदयू की ओर से दावा किया जा रहा कि राज्य में शिक्षा के दो ही मॉडल हैं-एक लालू प्रसाद का चरवाहा विद्यालय का मॉडल और दूसरा नीतीश कुमार का नालंदा मॉडल। मैं जानना चाहता हूं कि शिक्षकों को वेतन के लिए महीनों इंतजार करना, जीरो नंबर लाने वाले को टॉपर बना देना, शिक्षकों से खिचड़ी बनवाना, क्या यही नालंदा मॉडल है? नालंदा मॉडल को हम ध्वस्त कर प्राचीन काल का नालंदा मॉडल लागू करेंगे।

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