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August 21 2018 03:44 AM

नई मुकदमा नीति को मंजूरी, सभी विभागों में अब होंगे लीगल एक्सपर्ट

Posted at: Apr 3 , 2018 by Dilersamachar 5149

दिलेर समाचार, भोपाल। राज्य की नई मुकदमा नीति को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा सरकार ने सभी विभागों में लीगल एक्सपर्ट रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। वहीं इंदौर प्रेस की जमीन को पीडब्ल्यूडी के अधीन करने का भी फैसला किया गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य की नई मुकदमा नीति को भी हरी झंडी दी गई। राज्य सरकार जिन मामलों में पक्षकार हैं उन मामलों में और प्रकरणों की जल्द सुनवाई और छोटे-छोटे प्रकरणों के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाने का फैसला किया है। ये प्रकोष्ठ कर्मचारियों से जुड़े मामलों की शिकायत का निवारण भी करेगा। सरकार ने सभी विभागों में लीगल एक्सपर्ट रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके बाद लीगल ओपिनियन के लिए हर मामला विधि विभाग को नहीं भेजा जाएगा। वहीं लापरवाही बरतने वाले सरकारी वकील-अधिकारी अन्य को चिन्हित करने की व्यवस्था भी नई मुकदमा नीति में रखी गई है।

वापस होगी सिक्यूरिटी मनी

सरकार ने ये भी तय किया कि जो रेत खदानें लोगों को स्वीकृत हो गई थी और किसी वजह से संचालित नहीं हो पा रही हैं, ऐसे सभी 33 लोग या समूह की सिक्यूरिटी मनी भी वापस कर दी जाएगी।

नए पद मंजूर

एक अन्य फैसले में तय किया गया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के लिए 1600 पद निर्माण किया जाएगा। सेंट्रल जेल भोपाल में सिमी के कैदियों की सुरक्षा के मद्देनजर हाई सिक्योरिटी यूनिट के लिए 120 पद मंजूर किए गए।

लहसुन भी भावांतर में

सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला करते हुए लहसुन को भी भावांतर योजना में शामिल किया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि लहसुन की फसल भावंतर योजना में खरीदी जाएगी। किसान को कम से कम 800 रु. का लाभ हो ऐसी व्यवस्था है।

इंदौर प्रेस क्लब की जमीन PWD के अधीन

कैबिनेट ने इंदौर प्रेस क्लब की जमीन के विवाद को सुलझाने को लेकर भी फैसला किया। अब इंदौर प्रेस क्लब का भवन लोक निर्माण विभाग की भवन पुस्तिका में दर्ज होगा। प्रेस क्लब को अब बाजार रेट से 10 फीसदी किराया भी देना होगा। सरकार ने ये फैसला प्रेस क्लब से चर्चा के बाद कैबिनेट बैठक में किया।

कानून व्यवस्था को लेकर निर्देश

कैबिनेट मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी मंत्रियों के साथ कानून व्यवस्था के मद्देनजर अनौपचारिक तौर पर चर्चा की। इसमें भिंड, मुरैना, ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य अंचलों में दलित समाज के आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं पर चर्चा की गई। सीएम ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के साथ और सभी वर्गों के बीच संवाद करने के निर्देश दिए।

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