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May 23 2018 04:45 AM

हरे निशान के साथ खुले सेंसेक्स और निफ्टी

Posted at: May 17 , 2018 by Dilersamachar 5298

दिलेर समाचार, मुंबई। कर्नाटक में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता के बीच शेयर बाजारों में बुधवार तक लगातार दूसरे दिन गिरावट रही थी. लेकिन गुरुवार बीजेपी की सरकार बन गई और असर शेयर बाजार में भी दिखाई दिया. सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान के साथ खुले. सुबह 9.20 मिनट पर सेंसेक्स में 45 अंक की  बढ़त थी और वह 35433 पर कारोबार कर रहा था जबकि निफ्टी 15 अंक ऊपर 10756 पर कारोबार कर रहा था. मेटल और एनर्जी के शेयरों को छोड़कर बाकी सब शेयर हरे निशान के साथ कारोबार कर रहे थे. 

बता दें कि बुधवार को कोरियाई प्रायद्वीप में भी तनाव बढ़ने से बाजार की धारणा प्रभावित हुई थी और शेयर बाजार गिरे थे. बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक मार्च तिमाही का शुद्ध घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच बैंकिंग शेयरों में गिरावट का रुख रहा था. 

बुधवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 156.06 अंक टूटकर 35,387.88 अंक पर आ गया था. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 60.75 अंक के नुकसान से 10,741.10 अंक पर आ गया था. बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भी बाजार दबाव में रहा था. 


वॉल स्ट्रीट में मंगलवार को आई गिरावट के बाद बुधवार को अन्य एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख था. उत्तर कोरिया द्वारा दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत रोकने के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा. बुधवार को बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 35,452.35 अंक पर कमजोरी के रुख के साथ खुला था और अंत में 156.06 अंक या 0.44 प्रतिशत के नुकसान से 35,387.88 अंक पर बंद हुआ था. कारोबार के दौरान यह 35,241.63 से 35,543.89 अंक के दायरे में रहा था. 

बता दें कि चुनाव परिणामों और रुझान के चलते मंगलवार को कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 400 से अधिक अंक चढ़ गया था. भाजपा के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने से बाजार में तेजी आई थी. लेकिन बाद में कांग्रेस द्वारा जद ( एस ) को सरकार बनाने के लिए समर्थन की घोषणा के बाद बाजार नीचे आ गया था. 

बुधवार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी कारोबार के दौरान नकारात्मक दायरे में रहने के बाद अंत में 60.75 अंक या 0.56 प्रतिशत के नुकसान से 10,741.10 अंक पर बंद हुआ था. कारोबार के दौरान यह 10,699.70 से 10,790.45 अंक के दायरे में रहा था. 

वृहद मोर्चे पर व्यापार घाटा अप्रैल में बढ़कर 13.7 अरब डॉलर हो गया , जिससे बाजार प्रभावित हुआ था. शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने कल 518.47 करोड़ रुपये के शेयर बे. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 531.33 करोड़ रुपये की लिवाली की. 

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