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September 20 2018 12:57 PM

रेप के आरोपी बिशप की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ननों का धरना, केरल हाई कोर्ट ने कही ये बात

Posted at: Sep 14 , 2018 by Dilersamachar 5493

दिलेर समाचार, नई दिल्ली: रेप के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलिक्कल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोच्चि में ननों का विरोध पांचवे दिन भी जारी रहा. आरोपी बिशप पर एक नन ने वर्ष 2014 से 2016 के बीच कई बार यौन शोषण का आरोप लगाया है. कहा जा रहा है कि शिकायत के सौ से ज्यादा दिनों बाद बिशप अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं.उधर  केरल हाई कोर्ट ने पुलिस की  जांच पर संतोष जताते हुए कहा कि गिरफ्तारी से ज्यादा जरूरी आरोपी की सजा है. पुलिस के काम में जल्दबाज़ी से जांच प्रभवित होने का ख़तरा है . किसी पुराने अपराध के सबूत  जुटाना एक मुश्किल प्रक्रिया है. उधर ननों का कहना है कि राजनीतिक तौर पर बिशप बहुत असरदार हैं. उनके पास ताकत है जो मेरी बहन के पास नहीं है.असरदार नेता उनका समर्थन कर रहे हैं. केरल सरकार आने वाले चुनावों को लेकर फिक्रमंद है. उधर, ननों की संस्था मिशनरीज ऑफ जीसस ने प्रदर्शन कर रही ननों की फंडिंग की जांच के लिए एक जांच कमेटी बनाई है. ननों ने कहा कि ये सिर्फ हम लोगों को कमजोर करने के मकसद है.अब सबकी निगाहें 19 सितंबर पर टिकी हैं, जिस दिन केरल पुलिस ने बिशप को पूछताछ के लिए बुलाया है.
 

नन के साथ दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे बिशप फ्रैंको मुलक्कल को केरल उच्च न्यायालय से राहत मिली है. अदालत ने कहा कि 'फिलहाल फ्रैंको की गिरफ्तारी मुद्दा नहीं है.' इस मामले में हो रही जांच पर संतुष्टि जताते हुए अदालत ने कहा कि चूंकि यह एक पुराना मामला है, इसलिए जांच में समय लगेगा और 'आरोपी को जेल में डालने से बड़ा मुद्दा उसे दी जाने वाली अंतिम सजा है.'

इस मामले में दो याचिकाओं पर सुनवाई के अलावा अदालत ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने संबंधी याचिका पर भी सुनवाई की और कहा कि वर्तमान में इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती और अब अगली सुनवाई 24 सितम्बर को होगी.पंजाब के जालंधर के रोमन कैथलिक डाइअसिस के बिशप फ्रैंको मुलक्कल को 19 सितम्बर को जांच टीम के समक्ष पेश होने का नोटिस दिया गया है. 



पीड़ित के समर्थन में उतरी ननों ने अदालत की टिप्पणी पर निराशा जताई है.केरल पुलिस जांच दल के हलफनामे को देखने के बाद मुख्य न्यायाधीश ऋषिकेश रॉय की अध्यक्षता में एक डिवीजन बेंच ने कहा कि पुलिस पर दबाव डालना उचित नहीं है क्योंकि यह एक स्वतंत्र जांच में बाधा उत्पन्न कर सकता है.केरल की नन ने बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर 2014 से 2016 के बीच बार-बार यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। इसी समूह की पांच और नन ने पीड़िता का समर्थन किया है.

जांच का नेतृत्व कर रहे कोट्टायम पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि इस मामले से जुड़े कई लोगों के बयान में बदलाव और विरोधाभास पाए गए हैं.उन्होंने कहा, "मैं नहीं कहूंगा कि यह किसी उद्देश्य के साथ किया गया है. लेकिन यह ध्यान में रखते हुए कि मामला चार साल पुराना है, चीजों को सही ढंग से याद करना मुश्किल हो सकता है." पुलिस अधीक्षक के अनुसार, "दस्तावेजों और तथ्यों में विसंगतियां सामने आ रही हैं और इसलिए हमने जांच दल का विस्तार किया है."मुलक्कल ने आरोपों से इनकार किया है और इन्हें अपने खिलाफ रची गई साजिश बताया है.

 

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