Logo
September 22 2021 08:17 PM

देश के लिए खेलने के बाद भी चाय बेचने को मजबूर है भारत की पूर्व महिला फुटबॉलर

Posted at: Nov 4 , 2018 by Dilersamachar 21767

दिलेर समाचार, दस साल पहले देश का प्रतिनिधित्व करने वाली एक महिला फुटबॉलर आर्थिक तंगहाली के कारण यहां सड़क पर चाय बेचने को मजबूर है। 26 साल की कल्पना रॉय अभी भी 30 लड़कों को दिन में दो बार प्रशिक्षण देती है। उसका सपना एक बार फिर देश के लिए खेलने का है।

कल्पना को 2013 में भारतीय फुटबॉल संघ द्वारा आयोजित महिला लीग के दौरान दाहिने पैर में चोट लगी थी। उन्होंने कहा ,'मुझे इससे उबरने में एक साल लगा। मुझे किसी से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। इसके अलावा तब से मैं चाय का ठेला लगा रही हूं।'

उनके पिता चाय का ठेला लगाते थे, लेकिन अब वह बढ़ती उम्र की बीमारियों से परेशान है। उन्होंने कहा ,'सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए ट्रायल के लिए मुझे बुलाया गया था, लेकिन आर्थिक दिक्कतों के कारण मैं नहीं गई। मेरे पास कोलकाता में रहने की कोई जगह नहीं है। इसके अलावा अगर मैं गई तो परिवार को कौन देखेगा। मेरे पिता की तबीयत ठीक नहीं रहती।'

कल्पना पांच बहनों में सबसे छोटी है। उनमें से चार की शादी हो चुकी है और एक उसके साथ रहती है। उसकी मां का चार साल पहले निधन हो गया। अब परिवार कल्पना ही चलाती है। कल्पना ने 2008 में अंडर-19 फुटबॉलर के तौर पर चार अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। अब वह 30 लड़कों को सुबह और शाम कोचिंग देती है। वह चार बजे दुकान बंद करके दो घंटे अभ्यास कराती है और फिर दुकान खोलती है।

उन्होंने कहा ,'लड़कों का क्लब मुझे 3000 रुपए महीना देता है जो मेरे लिए बहुत जरूरी है।' कल्पना ने कहा कि वह सीनियर स्तर पर खेलने के लिए फिट है और कोचिंग के लिए अनुभवी भी। उसने कहा, 'मैं दोनों तरीकों से योगदान दे सकती हूं। मुझे एक नौकरी की जरूरत है ताकि परिवार चला सकूं।

ये भी पढ़े: डेनमार्क ओपन: साइना नेहवाल खिताब से चूकी

Related Articles

Popular Posts

Photo Gallery

Images for fb1
fb1

STAY CONNECTED