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December 6 2020 04:24 AM

भारत के लिए बेहतर साबित हो सकते हैं जो बाइडन, जानें कैसे?

Posted at: Nov 9 , 2020 by Dilersamachar 10198

दिलेर समाचार, नई दिल्ली. अमेरिका (America) के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) 1970 के दशक के दौर से ही भारत-अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों के हिमायती रहे हैं. साल 2008 में दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु समझौते (Nuclear Deal)के लिए सीनेट की मंजूरी दिलवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तथा आतंकवाद (Terrorism) निरोधी कई विधेयकों का उन्होंने समर्थन भी किया.

वर्ष 2001 में बाइडन सीनेट की विदेशी संबंध समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश को पत्र लिखकर भारत पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की मांग की थी. असैन्य परमाणु समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए जब दोनों देशों के बीच गहन बातचीत चल रही थी तब बाइडन सीनेट में भारत के एक महत्वपूर्ण सहयोगी के तौर पर मौजूद थे. वह समझौता दोनों मजबूत लोकतंत्रों के बीच संबंधों को और गहरा करने के लिए एक नींव साबित हुआ.

सामरिक मामलों के जाने मानें विशेषज्ञ पी.एस. राघवन ने कहा, राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में बाइडन उपराष्ट्रपति थे और संबंधों को विकसित करने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा थे. हिंद-प्रशांत साझेदारी ओबामा के कार्यकाल में शुरू हुई थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार रात को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जो बाइडन को बधाई दी. उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भारत-अमेरिकी संबंधों को और मजबूती प्रदान करने में उनके योगदान का भी जिक्र किया.

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