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October 21 2020 09:24 PM

बिहार चुनाव: जानें कैसे लड़ेंगे लालू के लाल तेजस्वी बनाम मोदी के तेजस्वी की लड़ाई?

Posted at: Sep 29 , 2020 by Dilersamachar 9497

दिलेर समाचार, पटना. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्षी दलों के गठबंधन का मुख्य चेहरा होने के साथ ही वे सीएम फेस भी माने जा रहे हैं. यही वजह है कि तेजस्वी सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को टारगेट करते हैं और विकास कार्यों पर चर्चा की मांग करते हैं. बतौर युवा चेहरा बदलती राजनीति के दौरा में तेजस्वी सबसे अधिक मुखर भई हैं. जाहिर है ऐसे में जब भी कोई ऐसे में एनडीए खेमे तेजस्वी से दो-दो हाथ करना चुनौती है, क्योंकि चिराग पासवान (Chirag Paswan) खुद ही सीएम नीतीश से कई मसलों पर असहमत हैं और उनपर सवाल उठाते हैं. अब इस चुनौती को स्वीकार करते हुए बीजेपी अपने तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) को बिहार के रण में उतार दिया है. ऐसे में राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि बिहार चुनाव में तेजस्वी बनाम तेजस्वी की लड़ाई का भी एक कोण खुलने वाला है जो कि बेहद दिलचस्प रहने वाला है.

दोनों ही युवा चेहरा पर दोनों का है अलग मिजाज

आरजेडी नेता तेजस्वी प्रसाद यादव 30 साल के हैं तो बीजेपी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या 29 साल के. करीब-करीब एक ही उम्र के होने से तेजस्वी बनाम तेजस्वी की लड़ाई दिलचस्प इसलिए भी होने वाली है, क्योंकि दोनों की राजनीति भी अलग है. तेजस्वी यादव की पहचान एक सेक्यूलर नेता के तौर पर है तो वहीं तेजस्वी सूर्या कट्टर हिंदुत्व की छवि के साथ सामने आते हैं. उनके भाषणों में ऐसे  शब्द होते हैं जो राजनीति के जल्द ही गरम हो जाने को बेहद शूट करते हैं.

तेजस्वी बनाम तेजस्वी की राजनीति का अलग अंदाज

बिहार चुनाव में जेडीयू-एलजेपी के साथ रहकर भी बीजेपी का अपना एजेंडा भी है. एनआरसी और सीएए जैसे मुद्दों का जहां तेजस्वी यादव विरोध करते रहे हैं, वहीं बीजेपी इन कानूनों के साथ खड़ी है. खास तौर पर वह इस बार जनसंख्या कानून का मुद्दा भी उठाने वाली है. ऐसे में तेजस्वी सूर्या अपने हार्ड हीटिंग शब्दों से माहौल गरमा सकते हैं तो वहीं तेजस्वी यादव इस मामले में जवाब देने को मजबूर होंगे.

बिहार में नीतीश बनाम लालू से इतर तेजस्वी Vs तेजस्वी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जहां विकास की राजनीति का दावा करते रहे हैं, वहीं तेजस्वी यादव इसी मुद्दे पर घेरते रहे हैं. भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद तेजस्वी सूर्या भी बिहार आए तो युवा संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बिहार अब लालटेन युग वाला राज्य नहीं है. बिहार के युवा वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. जाहिर है उनका टारगेट सीधा तेजस्वी यादव और लालू परिवार है.

तेजस्वी बनाम तेजस्वी में नीतीश की सेफ पॉलिटिक्स

बिहार चुनाव से पहले ऐसा लग रहा था कि मुद्दा एक बार फिर 15 साल के लालू-राबड़ी शासन काल बनाम नीतीश के 15 साल होने वाला है. लेकिन, तेजस्वी यादव जिस तरह से 'लालू छाप' राजनीति से खुद को अलग कर आगे बढ़ने की कोशिश की है और बिहार के विकास, बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों के साथ ही कोरोनाकाल में सरकार की नाकामी को उजागर कर रहे हैं. ऐसे में नीतीश के लिए मुश्किल स्थिति होती जा रही है.

जाहिर है ऐसे में भावनात्मक मुद्दों के आधार पर विभाजित होती रही बिहार की राजनीति में इस बार एनडीए खेमा तेजस्वी बनाम तेजस्वी की लड़ाई को आगे बढ़ाने की नीति पर चल रही है. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर तेजस्वी सूर्या ने हॉट मुद्दों को टारगेट किया तो तेजस्वी यादव को भी उसी मुद्दे पर बोलने को मजबूर करेंगे और राजनीतिक हवा गरम हुई तो नीतीश कुमार अपनी विकास की राजनीति को आगे बढ़ाने में लग जाएंगे.

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