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August 9 2020 11:58 AM

50 लाख की ठगी करके बॉलीवुड पहुंचा 'हीरो' बनने

Posted at: May 2 , 2018 by Dilersamachar 5627

दिलेर समाचार, रायपुर। दूसरे की भूमि अपनी बताकर 10 से अधिक लोगों से पचास लाख रुपये ठगकर फरार बिल्डर शशांक निर्वाणी की किस्मत ने दगा दे दिया। वह बॉलीवुड में हीरो बनने का ख्वाब लेकर छह महीने तक स्ट्रगल करता रहा।

छोटे से लेकर बड़े डायरेक्टरों के आसपास भटकते हुए उसने फिल्मों में काम मांगा, लेकिन उसकी किस्मत खराब निकली। निराश होकर नागपुर में नाम बदलकर छह महीने से वह फरारी काट रहा था। सोमवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने आखिरकार उसे दबोच लिया।

सीएसपी कोतवाली सुखनंदन राठौर, डीएसपी क्राइम अभिषेक माहेश्वरी ने पुलिस कंट्रोल रूम में राजफाश करते हुए बताया कि मूलतः राजनांदगांव जिले के तुलसीपुर वार्ड नंबर 16 निवासी शशांक निर्वाणी पिता शिवकुमार (34) ने शंकरनगर अशोका रतन में 2013 से 2015 के बीच निर्वाणी एसोशिएट्स नाम से दफ्तर खोलकर 10 से अधिक लोगों से करीब 50 लाख रुपये दूसरे की भूमि को अपना बताकर बेचने का सौदा कर ठग लिया था।

17 जनवरी, 2017 को मोहसीना खानम से खम्हारडीह स्थित 6 सौ वर्गफीट भूमि में एक साल के भीतर वन बीएचके मकान बनाकर देने का झांसा देकर 25 लाख में सौदा तय करके 4 लाख 70 हजार रुपये बतौर अग्रिम ले लिया था। कुछ दिनों बाद मोहसीना उक्त भूमि को देखने गईं तो वहां किसी तरह का निर्माण नहीं होना पाया। संदेह होने पर पतासाजी की तो जानकारी मिली कि वह जमीन शशांक की नहीं बल्कि ललिता देवी अग्रवाल की है।

रकम वापस मांगने पर शशांक टालने लगा और बाद में दो चेक दे दिया जो बाउंस हो गया। इसी तरह रवि कुमार शर्मा से भी शंकरनगर की एक भूमि को अपना बताकर 14 लाख 75 हजार रुपए ठग लिए। फर्जीवाड़ा खुलने पर वह छह लाख रुपये लौटाकर दफ्तर बंदकर भाग निकला।

दोनों की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की तो वह मुंबई भाग निकला। सालभर बाद पुलिस ने उसे नागपुर में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।आरोपी के पिता राजनांदगांव में बलराम दास उमा शाला का संचालन करते है। शशांक के खिलाफ ठगी की अन्य शिकायते पुलिस को मिली है।

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