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August 7 2020 03:02 PM

बाल कहानी : सबसे सुंदर कौन

Posted at: Jul 2 , 2020 by Dilersamachar 5150

दिलेर समाचार, नरेन्द्र देवांगन। एक बार घनी काली रात में ढेर सारे तारे आकाश में चमक रहे थे। अचानक उनमें बहस छिड़ गई कि कौन-सा तारा सबसे सुंदर, सबसे चमकीला है? सभी तारे अपने को अधिक सुंदर और चमकीला बताने लगे। बहस बढ़ते-बढ़ते लड़ाई तक जा पहुंची। आखिर सभी तारों ने मुंह फुलाकर चमकना ही बंद कर दिया।

रात्रि देवी जब टहलने निकलीं, तो उन्हंे यह देखकर बहुत आश्चर्य हुआ कि एक भी तारा आकाश में नहीं चमक रहा है। उन्हें तारों पर बहुत गुस्सा आया। उन्होंने तत्काल सभी तारों की सभा बुलाई और न चमकने का कारण पूछा।

इस पर सभी तारे एक साथ कह उठे, ‘आप ही बताइए, हममें सबसे प्यारा और चमकीला तारा कौन है?‘

‘जब तक इस बात का निर्णय नहीं हो जाता, हम सब एक साथ नहीं चमक सकते।‘ नीले तारे ने कहा।

‘क्या तुम जानते हो तुम्हारी वजह से पृथ्वीवासियों को कितनी परेशानी हो रही है?‘ रात्रि देवी ने गुस्से से कहा, ‘घनी अंधेरी रातों में जब चंदा नहीं आता, तब पृथ्वीवासी तुम तारों की सहायता से, रास्ता ढूंढ़ते हैं, दिशाएं पहचानते हैं। और तुम लोग अपना काम छोड़कर लड़ाई कर रहे हो।‘

‘लेकिन जब तक हमारी सुंदरता का निर्णय नहीं होगा, हम नहीं चमकेंगे।‘ सब तारों ने मिलकर कहा।

‘ठीक है, अब तुम्हारा निर्णय पृथ्वीवासी ही करंेगे। मैं तुम सबको फूल बनाकर पृथ्वी पर भेज रही हूं। तुम वहीं जाकर पता करो कि लोग तुम्हारे बारे मंे क्या कहते हैं?‘ रात्रि देवी ने कहा। उन्होंने सभी तारों को रंग-बिरंगे फूल बनाकर पृथ्वी पर भेज दिया।

सभी तारे फूल बनकर धरती पर बिखर गए। आकाश तारों के बिना सूना-सूना लगता पर तारे अपने को सबसे प्यारा, सुंदर और चमकीला समझकर खुशी-खुशी पृथ्वी पर आ गए।

पृथ्वी पर तारों ने हर किसी से यह जानना चाहा कि लोगों को सबसे प्यारा तारा कौन-सा लगता है? लेकिन हर कोई सबसे प्यारा, सबसे चमकीला सूरज को कहता, उसके बाद चंदा को। तारों का नाम तो कोई लेता ही नहीं था।

अंत में तारों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को रोककर उनसे पूछा, ‘आखिर क्यों लोग सूरज और चंदा की तारीफ करते हैं, तारों की नहीं।‘

बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा, ‘सूरज से जीवन है। वही हमें ऊर्जा देता है, प्रकाश देता है। साथ ही रात को अपने प्रकाश से चंदा को रोशनी दे जाता है। तारों का क्या है, कभी चमके, कभी नहीं। जैसे आजकल देखो, एक भी तारा नहीं दिखता।‘

यह सुनकर तारे बहुत दुखी हुए। वे रात्रि देवी से प्रार्थना करने लगे, ‘हमंे वापस आकाश पर बुला लीजिए।‘

रात्रि देवी ने जब देखा कि तारे अपनी गलती पर शर्मिंदा हैं, तो वह प्रकट हो गईं।

‘क्या तुम लोगों ने यह जान लिया कि सबसे प्यारा, सबसे सुंदर कौन है?‘ रात्रि देवी मुस्कुराईं।

‘जी।‘ सभी तारे एक साथ सिर झुकाकर बोले।

‘हमें वापस आकाश में ले चलिए। अब हम कभी झगड़ा नहीं करेंगे।‘ नन्हे तारे ने कहा।

रात्रि देवी उन्हें समझाते हुए बोलीं, ‘तुम लोग काम को छोड़कर, अपनी-अपनी प्रशंसा में लगे रहे जबकि सूरज और चंदा सबकी भलाई के लिए काम में लगे रहे। सुंदरता से ज्यादा अच्छे कामों की प्रशंसा होती है।‘

सभी तारों ने अपनी गलती मान ली। रात्रि देवी ने तारों को आकाश में पहुंचा दिया। थोड़ी देर में ही पूरा आकाश टिम-टिम करते तारों से सज गया।

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