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May 23 2024 05:13 PM

द‍िहाड़ी मजदूर बना अरबपत‍ि! खाते में थे ₹17, अचानक आ गए 100 करोड़ रुपये

Posted at: May 26 , 2023 by Dilersamachar 9429

दिलेर समाचार, मुर्श‍िदाबाद. पश्‍च‍िम बंगाल (West Bengal) के मुर्श‍िदाबाद ज‍िले (Murshidabad District) के जंगीपुर पुल‍िस थाना (Jangipur Police) अंतर्गत वासुदेवपुर गांव (Vasudevpur Village) के रहने वाले द‍िहाड़ी मजदूर नसीरुल्लाह मंडल का बड़ा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. मजदूरी करके पर‍िवार के 6 लोगों का भरण पोषण करने वाला नसीरुल्लाह रातोंरात अरबपत‍ि बन गए. लेक‍िन द‍िलचस्‍प बात यह है क‍ि वो अरबपत‍ि बन गए और उनके अकाउंट में 100 करोड़ रुपये जमा भी हो गए. लेक‍िन उनको पता ही नहीं चला.

अकाउंट में 17 रुपये का माल‍िक अचानक 100 करोड़ रुपये का माल‍िक कैसे बन गया, इसकी उनके पास कोई जानकारी नहीं है. उनको तब पता चला जब जंगीपुर थाने की साइबर क्राइम ब्रांच (Cyber ​​Crime Branch) का नोट‍िस म‍िला और 30 मई को वहां पेश होकर इस ट्रांसफर मनी के बारे में जानकारी देने को कहा गया.

पुल‍िस की ओर से द‍िहाड़ी मजदूर को भेजे गए नोट‍िस के बाद से कई सवाल भी खड़े हो गए हैं. इस मामले में अभी स्‍थ‍ित‍ि स्पष्‍ट नहीं है क‍ि आख‍िर पुल‍िस ने उनको नोट‍िस क्‍यों भेजा है. बैंक मैनेजर ने नसीरुल्‍लाह के पूछने पर बताया क‍ि उनका खाता ब्‍लॉक होने से पहले उसमें 17 रुपये थे. इसके बाद से मजदूर बेहद परेशान है. और सोच रहा है क‍ि आख‍िर जो उनको नोट‍िस द‍िया गया है वो इसका क्‍या जवाब देंगे. खाते में 100 करोड़ रुपये का नोट‍िस म‍िलने के बाद मजदूर ने बैंक जाकर इसकी जांच पड़ताल की थी. बैंक कर्मचारियों ने जांच कर बताया कि उनके खाते में तो मात्र 17 रुपये हैं. हराहिम उत्तर 24 परगना देगंगा के वासुदेवपुर का नसीरुल्लाह गरीब दिहाड़ी मजदूर है.

देगंगा पुल‍िस सूत्रों का कहना है क‍ि नसीरुल्लाह मंडल देगंगा की चौरासी पंचायत के वासुदेवपुर गांव के रहने वाले हैं. वह एक दिहाड़ी मजदूर हैं. वह मजदूरी करके 6 लोगों लोगों के परिवार का भरण पोषण करते हैं. गांव वालों ने बताया कि एक सरकारी बैंक में नसीरुल्लाह मंडल का खाता है. जिसे साइबर क्राइम विभाग के कहने पर पहले ही फ्रीज कर दिया गया है. नसीरुल्लाह मंडल ने मीडिया से कहा कि उन्होंने कभी भी कुछ हजार रुपये से ज्यादा अपने बैंक खाते में नहीं रखे.

उन्होंने कहा कि बड़ी मुश्किल से दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता हूं. नोटिस और खातों में आए 100 करोड़ रुपये के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं हूं. मुझे अंग्रेजी नहीं आती है. जब नोटिस आया तो मैं समझ नहीं पाया. फिर एक पढ़े लिखे आदमी ने मुझे बताया कि यह थाने का नोटिस है. मुझे अपने तमाम पहचान पत्र के साथ मुर्शिदाबाद थाने जाना होगा. तभी मुझे पता चला कि कहीं से मेरे खाते में 100 करोड़ रुपये आ गये हैं.

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