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October 21 2020 08:50 PM

जल्दी पकड़ा जा सकता है दाऊद इब्राहिम

Posted at: Jul 21 , 2019 by Dilersamachar 9197

रमेश ठाकुर

अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम को पकड़ने का आखिरी दांव खेला जा चुका है। केंद्र सरकार ने उसे पकड़ने के लिए विगत कुछ सालों में जो नीतियां बनाई हैं, उस सफल विदेश नीति की एक सुखद तस्वीर सामने आई है। दाऊद इब्राहिम को लेकर अमेरिका ने भारत का साथ देने के लिए कुछ पुख्ता और नवीनतम जानकारियां साझा की हैं। सौ फीसद अब तय हो चुका है कि दाऊद इब्राहिम इस वक्त पाकिस्तान के कराची में मौजूद हैं। ‘डी‘ कंपनी के नाम से पहचाने जाने वाले देश-दुनिया का कुख्यात आतंकी दाऊद इब्राहिम के किले में आखिरी कील चुभो दी है।

उसे खदेड़ने में इस बार अमेरिका भारत की मदद करेगा। एफबीआई ने दाऊद का नया पता ढूंढ लिया है। अमेरिकन जांच एजेंसी एफबीआई ने भारतीय जांच एजेंसियों से दाऊद इब्राहिम के कराची पाकिस्तान में होने के संबंध में पुष्ट खबरें भेजी हैं। एफबीआई की भेजी जानकारियों के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह से चौकन्नी हो गई हैं। हालांकि पाकिस्तान हमेशा से इंकार करता आया है कि उनकी सरजमीं पर इंडिया का मोस्टवांटेड अपराधी दाऊद इब्राहिम की मौजूदगी नहीं है। यही बात नए निजाम इमरान खान ने भी कुछ समय पहले दोहराई थी जिसे भारत ने हर बार की तरह नकार दिया था। हो सकता है नई जानकारियों पर भी पाकिस्तान पर्दा डालने की कोशिश करे।

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक एफबीआई की सूचना को पाकिस्तान से भी साझा किया जाएगा। हो सकता है उसके बाद वहां की हुकूमत खुद दाऊद इब्राहिम पर कारवाई कर उसे भारत को सौंप दे। अगर इस तरह की पहल वहां से होती है तो निश्चित रूप से दोनों मुल्कों के दरमियान तल्खियां कम होंगी और सौहार्द के रास्ते खुल सकेंगे। पाकिस्तान के प्रति भारत का नजरिया भी बदलेगा लेकिन शायद पाकिस्तान यह मौका भी गवा देगा। दाऊद के संबंध में नई जानकारियों को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कोई नहीं बात नहीं? इसमें कोई शक नहीं कि दाऊद कराची में नहीं है। दुनिया को पता है कि दाऊद कराची में चैन से रह रहा है। वहां की मौजूदा व पूर्व सरकारों की तरफ से उसे पूरा संरक्षण मिलता रहा है क्यांेकि वह सरकारों के लिए आतंकी धर्म निभाता रहा था। इस्लामिक मुल्कों से मोटी रकम दाऊद इब्राहिम के जरिए ही आती रही।

दरअसल भारत में अपराधियों को लेकर कल्चर में बदलाव हुआ है। इस बदले माहौल की भनक दाऊद इब्राहिम को भी है। उसे पता है कि उसे पकड़ने के लिए अमेरिका भारत का सहयोग कर रहा है। दाऊद को यह बात ठीक से पता है कि देर-सवेर उस पर कार्रवाई की जा सकती है। दो दिन पहले ही इमरान खान ने आतंकी हाफिज सईद पर कई मुकदमे दर्ज कराए थे, उससे भी दाऊद सहमा हुआ है। उसको लगता है कि कहीं पाकिस्तान की हुकूमत अमेरिका के दबाव में आकर उसे भी न खदेड़ दे। अपनी चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्राी नरेंद्र मोदी कई मर्तबा ज्रिक कर चुके हैं कि दाऊद इब्राहिम एक दिन उनकी गिरफ्त में होगा। दाऊद को पकड़ने के लिए वह एक विशेष रणनीति पर काम कर रहे हैं। शायद उसकी अंतिम तिथि नजदीक आ चुकी है।

एफबीआई की कुछ सूचनाएं छनकर बाहर आई हैं जिससे पता चला है कि दाऊद इब्राहिम बढ़ती उम्र के साथ अब पूरी तरह से निढाल हो चुका है। उम्र के अंतिम पड़ाव पर जा पहुंचा है। बीपी, शुगर जैसी कई बीमारियों से ग्रस्त है। चलना-फिरना भी उसके लिए मुश्किल होता है। गृह मंत्रालय के सूत्रा बताते हैं कि अगर अंतराष्ट्रीय स्तर से पाकिस्तान पर ज्यादा दवाब पड़ा तो मौजूदा सरकार उसे ढोने के बजाय भारत को सौंपना ही समझदारी समझेगी। खबर ऐसी भी है कि पाकिस्तान दाऊद के जरिए कई अनैतिक कामों को अबतक अंजाम देता रहा है। कई इस्लामिक मुल्कों में उसका रियल एस्टेट का कारोबार फैला है लेकिन बावजूद इसके दाऊद अब पाकिस्तान की जरूरत नहीं रहा। दाऊद पाकिस्तान के लिए अब मात्रा बूढ़े शेर की भांति है। भारत और अमेरिका दाऊद इब्राहिम को पकड़ने के लिए एक रणनीति तैयार कर रहे हैं। अगर रणनीति सफल हुई तो इस बार दाऊद का बचना मुश्किल होगा। मोदी सरकार ने पहले ही प्रण लिया हुआ है कि एक दिन दाऊद इब्राहिम उनके शिकंजे में होगा और उस दिशा में कदम बढ़ाया जा चुका है।

अमेरिका अगर ईमानदारी से दाऊद इब्राहिम को पकड़ने के लिए भारत का साथ देगा तो उसे पकड़ना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। अमेरिका ने जिस तरह से ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में घुसकर ढेर किया था, उसी तरह दाऊद इब्राहिम को भी जिंदा या मुर्दा अपने कब्जे में ले सकता है। हो सकता है इस काम में उनका पाकिस्तान के प्रधानमंत्राी इमरान खान भी साथ दें हालांकि उनपर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता। अमेरिका की सूचना पर पाक विदेश मंत्रालय ने खंडन किया है। इस बार भी उनका कहना है कि अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में नहीं है जबकि एक दिन पहले ही ब्रिटेन की एक अदालत को बताया गया था कि 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में वांछित यह गैंगस्टर फिलहाल पाकिस्तान में है। ’

अमेरिका के मुताबिक दाऊद आतंकी संगठन अलकायदा से करीबी संबंध रखता था। तभी उसे अमेरिका ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। दाऊद का एक बड़ा सहयोगी जाबिर धन शोधन, वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी की साजिश रचने के आरोपों को लेकर अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने के मुकदमे का सामना कर रहा है। जाबिर को स्काटलैंड यार्ड के अधिकारियों ने अगस्त 2018 को लंदन के एक होटल से गिरफ्तार किया था। उससे हवाले से दाऊद इब्राहिम के संबंध में कई जानकारियां एफबीआई के हाथ लगी हैं। 1993 के मुंबई बम धमाकों में मारे गए सैंकड़ों परिजनों के घाव में तभी मरहम लग सकेगा जब दाऊद इब्राहिम हमारी सुरक्षा एजेंसियों के कब्जे में होगा। इस दिशा में केंद्र सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। दाऊद इब्राहिम को सकुशल पकड़ने के लिए भारत अमेरिका के अलावा कई मुल्कों के संपर्क में है। अमेरिकी जांच एजेंसी के हवाले से जो नई सूचनाएं हमारे खुफिया तंत्रा को मिली हैं उससे एक उम्मीद जगी है कि ये सूचनाएं दाऊद इब्राहिम तक शीघ्र पहुंचाने में मद्द करेंगी। समूचा भारत उस घड़ी का इंतजार कर रहा है जब दाऊद इब्राहिम हमारी पकड़ में होगा।

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