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September 25 2021 02:55 AM

Exclusive: अमेठी में मुझे नहीं, राहुल गांधी को डर लगता है - स्मृति ईरानी

Posted at: Apr 21 , 2019 by Dilersamachar 9620

दिलेर समाचार, अमेठी। अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ रही बीजेपी प्रत्याशी और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने Zee News से खास बातचीत की. स्मृति ईरानी ने कहा कि अमेठी में कांग्रेस के कई नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. इससे ये बात साफ़ है कि डूबती नैय्या में कोई भी सवार नहीं होता है. विकास की नैय्या में सवार होने के लिए अमेठी में लोग बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.

राहुल गांधी में कम है नेतृत्व क्षमता

अमेठी में मुझे कोई डर नहीं है, डर मुझे नहीं राहुल गांधी को है, जो अमेठी छोड़कर वायनाड से चुनाव लड़ रहे हैं. भारतीय राजनीति में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को उसकी पार्टी के कार्यकर्ता लिखकर देते हैं कि आप कोई और सीट भी तलाशें, यहां की सीट आपके लिए सुरक्षित नहीं है. राहुल गांधी में नेतृत्व क्षमता कम है.

2014 में हारकर भी मैं अमेठी में डटी रही

अमेठी में जीतकर भी राहुल गांधी दूसरी सीट पर चले गए. राहुल गांधी जीतकर भी लापता रहे और मैं हार कर भी अमेठी में डटी रही, जनता का मेरे प्रति स्नेह है. यही मेरा प्लस प्वाईंट है.

राहुल गांधी ने भगवान को छला

राहुल गांधी के मंदिर पॉलिटिक्स पर स्मृति ईरानी ने कहा कि मेरा ये मानना है कि जो भगवान को छल ले, वो इंसान को कभी नहीं बख्शे. जनता राहुल गांधी के जनेऊ के तमाशे को भली भाँति समझ चुकी है. राहुल गांधी यूपी और उत्तर भारत में राजनीति करने के लिए मंदिर जाते हैं और वो केरल में जाकर क्यों अचानक मुस्लिम लीग का झंडा उठाते हैं ? इसका जवाब आज तक राहुल गांधी ने दिया नहीं.

पूरा खानदान चुनाव लड़, जीतेंगे PM मोदी

प्रियंका गांधी के वाराणसी से चुनाव लड़ने की खबरों पर तंज कसते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि मैं तो कहती हूं कि जितने भी परिवार के सदस्य बचे हैं, सभी को राजनीति में ले आइए. चाचा, मामा, जीजा सभी को ले आओ, हिंदुस्तान का तो ले आओ, इटली का है तो ले आओ. पूरा खानदान मैदान में उतार दीजिए तो भी आएगा मोदी ही.

बहुत डरे हैं राहुल गांधी

अमेठी रायबरेली में सपा बसपा के द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ प्रत्याशी न देने पर स्मृति ईरानी ने कहा कि आप ही सोचिए जब सपा-बसपा ने अमेठी रायबरेली में कोई प्रत्याशी नहीं उतारा तो भी राहुल गांधी अमेठी छोड़ रहे हैं. इसका मतलब अगर सपा-बसपा अपने प्रत्याशी खड़ा करती तो राहुल गांधी का क्या हश्र होता? राहुल गांधी सहारा भी ले रहे हैं और भाग भी रहे हैं. इतना डर राहुल गांधी में शायद ही किसी ने देखा होगा कभी.

अमेठी की जनता के लिए राहुल ने कुछ नहीं किया

अमेठी के गांवों में पीने के पानी की समस्या पर स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये एक गांव की नहीं, अमेठी के कई गांव की कहानी है, जहां पीने का पानी नहीं है. ये स्थानीय सांसद का काम होता है कि गांव-गांव जाए और जनता की जो तकलीफ है, उसे वो प्रशासन तक पहुंचाए. अमेठी में 2 लाख परिवारों को पहली बार शौचालय मिला, 1.5 लाख परिवारों को पहली बार उज्जवला का कनेक्शन मिला. लेकिन सांसद स्वयं जब लापता है, तो जो लोग रह गए वो इसका फायदा नहीं उठा पाते हैं. 70 साल की आज़ादी के बाद जब गांधी परिवार का दबदबा रहा तब भी लोग खारा पानी अमेठी में पी रहे हैं.

गांधी परिवार सत्ता में रहने के बाद भी अमेठी के किसी काम का नहीं है. आज अमेठी की जनता कहती है कि अगर काम मोदी और योगी को करना है तो राहुल को वोट क्यों दें?

सपा-बसपा एक, मोदी है तो मुमकिन है

23 मई को भारत की जनता एक बार फिर नरेन्द्र मोदी को देश का प्रधान सेवक बनाएगी. गेस्ट हाऊस कांड के बाद माया-मुलायम का साथ आना ये दिखाता है कि मोदी है तो मुमकिन है.

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