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फिच रेटिंग का बयान बैंकों की पूंजीगत स्थिति चिंता का विषय

Posted at: Sep 15 , 2017 by Dilersamachar 9398

दिलेर समाचार,देश के बैंकों की कमजोर पूंजीगत स्थिति और वित्तीय प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए फिच रेटिंग ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र का परिदृश्य नकारात्मक है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने कहा कि खराब पूंजीगत हालत के चलते बैंकों की स्थिति डांवाडोल है और उनके पास राज्य या पूंजी बाजार से पर्याप्त समर्थन भी नहीं है। एजेंसी ने अपनी रपट में कहा कि बैंकिंग क्षेत्र को लेकर हमारा नकारात्मक आकलन बैंकों की कमजोर पूंजीगत स्थिति के जारी रहने और ऋण क्षेत्र की वृद्धि खराब रहने की उम्मीद, खराब आय, अस्थिर परिसंपत्ति गुणवत्ता और ऋण की ऊपर जाती लागत पर आधारित है।

रपट के अनुसार बासिल-3 मानकों को पूरा करने के लिए बैंकों को 65 अरब डॉलर की अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता है जिसे मार्च 2019 तक पूरा किया जाना है। इसका 90% से ज्यादा हिस्सा अकेले सरकारी बैंकों को चाहिए। कुछ सरकारी बैंक इस वित्तव वर्ष में बाजार से पूंजी जुटाने की योजना पर काम कर रहे हैं लेकिन यह आसान नहीं होगा क्योंकि निवेशकों के बीच धारणा कमजोर है और आय का अनुमान भी नीचे है। हालांकि रपट में निजी क्षेत्र के बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में क्षय होने के बावजूद उनकी हालत अच्छी बतायी गई है।

एजेंसी का आकलन है कि अगले 12 महीनों में परिसंपत्तियों की गुणवत्ता पर दबाव रहेगा क्योंकि बिजली क्षेत्र में तनाव के साथ किसानों की कर्ज माफी का प्रभाव होगा। वित्त वर्ष 2016-17 में सकल गैर-निष्पादित आस्तियों का अनुपात 9.7% तक पहुंच सकता है।

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