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योगी सरकार के धर्म परिवर्तन वाले अध्यादेश को HC में दी गई चुनौती

Posted at: Dec 12 , 2020 by Dilersamachar 10338

दिलेर समाचार, प्रयागराज. देश के दूसरे राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी 'लव जिहाद' (Love Jihad) के खिलाफ कानून लाने पर योगी सरकार (Yogi Government) ने अंतिम मुहर लगा दी है. इसी कड़ी में योगी सरकार के लव जिहाद से जुड़े धर्म परिवर्तन वाले अध्यादेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में चुनौती दी गई है. अध्यादेश को नैतिक व संवैधानिक रूप से अवैध बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई है. याचिका में इस कानून के तहत उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग भी की गई है. सौरभ कुमार की ओर से दाखिल की गई थी जनहित याचिका.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्टूबर 2020 को बयान दिया था कि यूपी सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाएगी. सीएम का मानना है कि मुस्लिम युवकों द्वारा हिन्दू लड़की से शादी, धर्म परिवर्तन कराने के षडयंत्र का हिस्सा है. एकल पीठ ने शादी के लिए धर्म परिवर्तन को अवैध करार दिया है. इसके बाद सीएम योगी का यह बयान आया है. हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एकल पीठ के फैसले के विपरीत फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा है कि दो बालिग शादी कर सकते हैं. कोर्ट ने धर्म बदलकर शादी करने को गलत नहीं माना है. कोर्ट ने कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पसंद से जीवन साथी व धर्म चुनने का अधिकार है.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह अध्यादेश सलामत अंसारी केस के फैसले के विपरीत है. यह अध्यादेश जीवन के अधिकार अनुच्छेद- 21 का भी उल्लंघन करता है. याचिका में इस अध्यादेश को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है. ये जनहित याचिका सौरभ कुमार की ओर से दाखिल की गई है. याचिका में आरोप यह अध्यादेश सलामत अंसारी केस के फैसले के विपरीत है. उन्होंने कहा कि अध्यादेश जीवन के अधिकार अनुच्छेद 21का भी उल्लंघन करता है. याचिका में इस अध्यादेश को असंवैधानिक घोषित करने की मांग हाईकोर्ट से की.

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