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December 7 2022 01:50 AM

घर विवाह पंचमी: सीता ने किया था राम जी का वरण, नहीं होती इस दिन शादी

Posted at: Dec 17 , 2017 by Dilersamachar 9569

दिलेर समाचार,विवाह पंचमी हर साल मार्गशीर्ष शुक्ल की पंचमी को मनाई जाती है । माना जाता है कि इसी दिन भगवान राम और माता सीता व‍िवाह हुआ था। 2017 में विवाह पंचमी 23 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन लोग मर्यादा पुरुष श्री राम का विवाह शक्ति स्वरूपा सीता के साथ करवाते हैं। 

माना जाता है कि इस दिन पूरे विधान से राम और सीता का व‍िवाह संपन्‍न कराने से शादी में आ रही अड़चनें दूर हो जाती हैं और सुयोग्‍य जीवन साथी का साथ मिलता है। वहीं इससे वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। 

इस मंत्र का जाप देगा सुख 
विवाह पंचमी भगवान राम और सीता के समक्ष बालकाण्ड में विवाह प्रसंग का पाठ करें। ओम जानकीवल्लभाय नम का जाप भी का जप करें। मंत्रों का उच्चारण करने के बाद माता भगवान राम और माता सीता का गठबंधन करें और गांठ लगे कपड़ों को संभाल कर रखें। 

कई जगह नहीं होती इस दिन शादी
भगवान राम और माता सीता के विवाह की तारीख होने के बावजूद इस दिन कई जगहों पर शादी नहीं कराई जाती है। खासतौर पर मिथ‍िला व इसके आस पास के क्षेत्र में इस दिन कन्‍या का विवाह नहीं होता है। 

इसके  पीछे मान्‍यता ये है कि विवाह के बाद माता सीता को पति का व‍ियोग सहना पड़ा। उनको महल छोड़कर वनवास में रहना पड़ा और इसी दौरान उनका हरण हुआ। माता सीता को वापस पाने के लिए राम ने रावण से युद्ध किया जिसमें कई लोगों का संहार हुआ। 

पति के पास वापस लौटने के बाद माता सीता को दोबारा महल त्‍यागना पड़ा और दोनों पुत्रों की परवर‍िश भी अकेले करनी पड़ी। संभवत: इसी वजह से लोग विवाह पंचमी के मौके पर अपनी बेटियों की शादी करने से हिचकते हैं। 

 

 

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