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इंडस्ट्री को न समझ पाने का हुमा कुरैशी को अफसोस

Posted at: Jun 24 , 2018 by Dilersamachar 9710

सुभाष शिरढोनकर

दिलेर समाचार, अनिरूद्ध राय चौधरी को बतौर निर्देशक ’पिंक’ (2016) के लिए बहुत ज्यादा प्रशंसा मिली थी। इसके जरिये उन्होंने तापसी पन्नू को बॉलीवुड की स्टार बना दिया। अनिरूद्ध राय चौधरी ने अपनी अगली फिल्म में मुख्य किरदार निभाने के लिए हुमा करैशी को अप्रोच किया है।

चौधरी की यह फिल्म एक रियल लाइफ घटना पर बेस्ड हार्ट हिटिंग ड्रामा है। खबर है कि हुमा ने इस फिल्म के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है। अब हर किसी को फिल्म के ऑफिशियल अनाउंसमेंट का इंतजार है।

28 जुलाई, 1986 को दिल्ली में पैदा हुई हुमा कुरैशी ने अनुराग कश्यप की ’गैंग्स ऑफ वासेपुर-1’ (2012) और ’गैंग्स ऑफ वासेपुर-2’ (2012) के साथ अपने कैरियर की शुरूआत करते हुए साबित कर दिया कि वह एक बेहद शानदार अभिनेत्राी हैं।

हुमा कुरैशी के नाम से अब तक ’लव शव ते चिकन खुराना’ (2012) ’एक थी डायन’ (2013), ’डी डे; (2013) ’बदलापुर’ (2015) और ’जॉली एलएलबी 2’ (2017) जैसी कई हिट फिल्में जुड़ चुकी हैं। अपने टेलेंट के जरिये, हुमा कुरैशी, दिल्ली की गलियों से निकलकर मायानगरी मुंबई में अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रही हैं।

हुमा कुरैशी तमिल फिल्म ’काला’ में रजनीकांत की पत्नी का किरदार निभा रही हैं। फिल्म की शूटिंग खत्म हो चुकी है। इस फिल्म के जरिये वह तमिल फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू करने जा रही हैं। इसके पहले वह  ममूटी के साथ मलयालम फिल्म ’वाइट’ (2016) कर चुकी हैं। इन दिनों वह एक शोर्ट फिल्म के अलावा ’धूमकेतु’ और ’प्राइसलैस’ भी कर रही हैं।

गुरिंदर चड्ढा की ’वायसरायज हाउस’ के साथ हुमा कुरैशी हॉलीवुड में भी डेब्यू कर चुकी हैं। इस भारत पाक विभाजन पर आधारित पीरियड फिल्म में उन्होंने एक बेहद मजबूत इरादों वाली लड़की आलिया का किदार निभाया था।

रफ टफ पर्सनेलिटी वाली, हुमा कुरैशी आज के दौर की उन अभिनेत्रियों में से एक हैं, जिन्हांेने अपने कैरियर में गैर पारम्परिक किरदार चुने। कैरियर की शुरूआत से ही हुमा कुरैशी शानदार फिल्मों का चुनाव करती आई हैं।

हुमा कुरैशी परफॉरमेंस आधारित किरदारों के लिए फिल्म मेकर्स की पहली पसंद हैं। कई बार हुमा ने अपनी स्थापित इमेज तोड़ते हुए बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो सकीं। लोगों का अनुमान है कि जिस दिन वह इस कैद से आजाद होंगी, अच्छे अच्छों की छुट्टी कर

 

देंगी।

एक इवेंट में हुमा कुरैशी मौजूद थीं, वहां जब दीपिका पहुंची, उन्होंने हुमा को छोड़कर हर किसी के साथ बातचीत की। हुमा को वे पूरी तरह इग्नोर करती नजर आईं। मीडिया ने जब इस बारे में हुमा के मन की टीस को टटोलने की कोशिश की, तब उन्होंने अपने दिल के जज्बातों को जुबां पन आने से रोक लिया।

हुमा कुरैशी ने बस इतना कहा कि वह पिछले 06 साल इस इंडस्ट्री में हैं लेकिन इसके बावजूद आज तक वह इसे ठीक तरह से जान नहीं सकी है। यहां के लोगों का व्यवहार कभी कभी हैरत में डाल देता है। फिलहाल हुमा अपनी इमेज और सिनेमा के मौजूदा जरूरतों के बीच तालमेल बिठाने की जद्दोजहद में जुटी नजर आती हैं। (युवराज)

 

कर्मिशयल फिल्मों के लायक नहीं हैं अभय देओल?

 सुभाष शिरढोनकर

अभय देओल ने इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित ’सोचा न था’ (2005) में आयशा टॉकिया जैसी बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस के अपोजिट अपनी अभिनय यात्रा की शुरूआत की थी। उसके बाद उन्होंने ’मनोरमा सिक्स फीट अंडर’ (2007), ’हनीमून ट्रेवल्स प्रा.लि.’(2007), ’एक चालीस की लोकल’ (2007), ’ओए लक्की लक्की ओय’ (2008), ’देव डी’(2009), ’जिंदगी मिलेगी ना दोबारा (2011) और ’चक्रव्यूह’ (2012), जैसी कई शानदार फिल्मों में बेहतरीन काम करते हुए साबित कर दिया कि अभिनय उनके लिए बेहद आसान है।

’हैप्पी भाग जायेगी’ (2016) में अभय देओल अत्यंत सहज नजर आए। अब खबर है कि उन्हें आनंद एल राय ने शाहरूख खान, कैटरीना कैफ और अनुष्का स्टॉरर ’जीरो’  के लिए साइन किया है।

आनंद एल राय, की ’जीरो’ में शाहरूख पहली बार एक बौने व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं। ’जीरो’ में सलमान खान के कैमियो करने की खबरें हैं। हालांकि अब तक इन खबरों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

आनंद एल राय ’जीरो’ में सलमान खान के कैमियो को शायद  एक सरप्राइज के तौर पर बनाये रखना चाहते हैं लेकिन फिल्म में अभय देओल के कैमियो होने की जानकारी खुद राय ने ट्विटर के माध्यम से दी। कहा जा रहा है कि फिल्म में अभय देओल शराब की बुरी लत से जूझ रही कैटरीना कैफ से रोमांस करने वाले उनके ऐसे ब्वॉय फ्रेंड के किरदार में हैं जो बाद में कैट को छोड़ देते हैं और उसके बाद कैटरीना का प्यार पर से भरोसा उठ जाता है, और उनका जीवन कई तरीकों से प्रभावित होता है।  इसमें अनुष्का एक साइंटिस्ट का किरदार निभा रही हैं।

42 साल के हो चुके अभय देओल, पहले भी कैटरीना के साथ ’जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ (2011) में सिल्वर स्क्रीन पर नजर आ चुके हैं और उनकी जोड़ी को ऑडियंस ने काफी पसंद किया था।

अभय देओल और उनकी गर्लफ्रेंड पत्रालेखा के साथ वाली पहली फिल्म ’नानू की जानू’ हाल ही में रिलीज हुई, जो बॉक्स ऑफिस के लिहाज़ से कुछ खास नहीं रही लेकिन फराज हैदर द्वारा निर्देशित, डार्क कॉमेडी बेस्ड इस लव स्टोरी को क्रिटिक्स ने काफी पसंद किया। इसमें अभय देओल दिल्ली लैंड माफिया के एजेंट के ग्रे शैटड केरेक्टर में नजर आए।

अभय देओल और पत्रालेखा के बीच काफी समय से अफेयर चल रहा है।  मेघालय की रहने वाली पत्रालेखा ने राज कुमार राव के अपोजिट सिटी लाइट से डेब्यू किया था।

अभय देओल लीक से हटकर फिल्में करते रहे हैं। उनकी शुरू से फार्मूला वाली कमर्शियल फिल्मों से अलग तरह के अभिनेता की छवि रही है लेकिन अभय का कहना है कि यह दूरी उनकी ओर से नहीं बल्कि मेकर्स की ओर से है जिन्हें लगता है कि वह कमर्शियल फिल्मों के लायक नहीं हैं।

अभय देओल, काफी समय से बड़े पर्दे से दूर रहे हैं। उनकी फिल्मों के बीच काफी अंतराल रहा है। 2015 की तरह 2017 में भी उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई लेकिन अब वो एक साथ कई फिल्में कर रहे हैं। एक साइंस फिक्शन आधारित साउथ इंडियन फिल्म भी कर रहे हैं। अभय देओल अमेरिका के इंटरनेशनल प्रोजेक्ट ’द फील्ड’ में एक किरदार निभा रहे हैं। ’जे.एल. 50’ उनके द्वारा अभिनीत, वास्तविक जिंदगी पर आधारित फिल्म है।

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