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September 27 2022 01:33 PM

Indian Predator: The Diary of a Serial Killer Review in hindi इंसानी दिमाग को उबाल कर पीने वाले राजा की कहानी

Posted at: Sep 10 , 2022 by Dilersamachar 9064
दिलेर समाचार, आज  रिव्यू Netflix की नई जो डॉक्यू ड्रामा सीरीज Indian Predator The diary of a serial Killer का हैं जिसको देखते वक्त कभी कभी आपको सोनी टी वी के क्राइम पेट्रोल की याद तो आएगी क्योंकि ये डॉक्यू ड्रामा क्राइम पैट्रोल की अगली पीढी जैसा लगता है। बिल्कुल एक दम जवान, जो बूढे हो चुके क्राइम पेट्रोल को नए युग में कैसे जीना है वो सीखा रहा है लेकिन क्राइम पेट्रोल से इतर इसमें घटना को समझाने और घटना के पीछे के कारकों को समझने के लिए मनोवैज्ञानिकों, पुलिस, अपराधी के परिवार वाले, पीडित के परिवार वाले और सबसे जरूरी तत्व आरोपी के बयानों को शामिल किया गया है जो इस डॉक्यू ड्रामा को दूसरी पुलिस कार्यवाही पर आधारित फिल्म व सीरिजो से अलग करता है कहानी आधारित हैं राम निरंजन के जीवन पर जो चतुर्थी श्रेणी का सरकारी कर्मचारी हैं और कोल जनजाति जो वनों को छोड़कर उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड मैं आकर बस गए हैं राम निरंजन जीवन के शुरुआत से ही शक्ति या आसान भाषा में कहें तो वो अपने आपको ताकतवर बनाने के लिए जीता हैं जिसके चलते वो अपना नाम गैर अधिकारिक रूप से राजा कोलंदर कर देता हैं और लोग उसे अब उसके असली नाम की जगह इसी नाम से जानने लगें थे खैर राजा कोलंदर सन् 2००० में हुई पत्रकार धीरेन्द्र सिंह की हत्या के आरोप में । गिरफ्तार किया जाता है और राजा अपना गुनाह भी कबूल करता है लेकिन आप लोगों की जानकारी के लिए बता दूं कि IPC की धारा 302 में आरोपी के आरोप कबूलने से वह आरोपी सिद्ध नहीं हो जाता उस के लिए काइम की जगह, लाश और काइस में इस्तेमाल होने वाला हथियार यदि पुलिस कोर्ट में पेश नहीं करती है तो आरोपी कोर्ट में अपने अपराध से इनकार भी कर सकता है तो जब राम निरंजन उर्फ राजा कोलंदर ने बताया की उसने कट्टा अपने फार्महाउस में छिपा रखा है तो पुलिस को वहाँ से कट्टा तो बरामद हो जाता हैं लेकिन उसके साथ पुलिस को एक डायरी भी मिलती है जैसा सीरिज के नाम से आप अन्दाजा लगा सकते है और उस डायरी में क्या होता है वह तो मैं आपको नही बताऊंगा क्योंकि इससे उसी रोचकता खत्म होने का डर रहेगा लेकिन मैं आपको इतना ही बता सकता हूँ कि उस डायरी का नाम राजा की डायरी था और उसमें पत्रकार धीरज सिंह का नाम 14 वे नम्बर पर था और धीरज से पहले 13 और लोगों का नाम उसमे होता है फिर खुलता है राजा कोलंदर का काला चट्ठा। राजा कोलंदर का दिमाग का अनुमान आप इससे लगा सकतें हैं कि उसने अपनी पत्नी का नाम फूलन देवी व अपने दोनो लड़कों का नाम अदालत सिंह, जमानत सिंह और अपनी बेटी को नाम आन्दोलन रख दिया था और अपनी ताकत दिखाने का आलम ये था कि उतरते 90 के दशक में जब लोगों को साइकिल के लिए दूसरों का मुँह ताकना पड़ता तब उसके पास एक TATA SUMO, एक जीप, एक स्कूटर और एक फार्महाउस था और पुरा डॉक्यू ड्रामा इन सभी के इर्द गिर्द घुमता हैं। और ताकत पाने के लिए राजा जी किसी इंसान की आंत तो किसी इन्सान के दिमाग का सूप बना कर पी जाते हैं इससे ज्यादा जानकारी 
आपको इसको देखने पर ही मिलेंगी। इस डॉक्यू ड्रामा में 3 एपिसोड है जो लगभग कुल घंटे की अवधि के हैं कुल मिलाकर अगर आप किसी सिरियल किलर की मानसिक स्थिति और उसके जीवन को जानना चाहते हैं या मनोरंजन के लिए कुछ देखना चाहते हैं तो जाए और इसको देख डाले क्योंकि इस में निर्देशक धीरज जिंदल के द्वारा कहीं कहीं अपराधी के परिजन और पीडित के परिजनों के विरोधी बयानों को एक साथ दिखाकर फैसला दर्शकों पर छोड दिया है दर्शक स्वविवेक का इस्तेमाल कर खुद सोचे की जो दिखाया गया हैं वो सत्य है या जो जेल में बन्द 8-10 घंटे भगवान की पुजा करने वाला राम निरंजन उर्फ राजा कोलंदर aur और उसके परिजन का बयान सत्य हैं।

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