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May 29 2020 09:21 AM

भारत की उपलब्धि है मंत्रा विज्ञान

Posted at: Mar 28 , 2020 by Dilersamachar 6589

दिलेर समाचार, राधा शर्मा। विज्ञान का अर्थ होता है विशिष्ट ज्ञान (विज्ञान) किसी भी विषय का क्रमबद्ध, प्रयोगात्मक और परिणामात्मक ज्ञान।

विज्ञान में कार्य और कारण के बीच एक निश्चित संबंध होता है। किसी भी कार्य के पीछे एक कारण होता है। कारण से भी कार्य की उत्पत्ति होती है। विज्ञान कार्य व कारण के बीच संबंध स्थापित करता है। ऐसा ही एक विज्ञान है मंत्रा विज्ञान।

भारतीय अध्यात्म जगत की एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है ‘मंत्रा विज्ञान’। प्राचीन समय के ऋषियों ने अपनी साधना से ‘मंत्रा विज्ञान’ की खोज की थी। उन्होंने पाया कि निश्चित लय से जाप करने से विशिष्ट और निश्चित प्रभाव जन्म लेते हैं। ये प्रभाव व्यक्ति की मानसिकता, उसके स्वास्थ्य से लेकर जगत की अन्य इकाइयों जैसे पशु पक्षी, वृक्ष आदि को भी प्रभावित करते हैं।

इन मंत्रों से घनात्मक प्रभाव भी पैदा किया जा सकता है और सकारात्मक भी। ये मंत्रा किसी न किसी देवी, देवता से जोड़ दिये गये हैं जिस कारण व्यक्ति आराधना करते समय मन से स्वस्थ होता रहे।

आज के जटिल युग में मंत्रों का जाप जीवन में सुख और शान्ति ला सकता है। ऋषियों की आधुनिक भारत को यह अनुपम देन है। आज जहां 100 में से 90 लोग मानसिक परेशानियों से परेशान हैं, उनके लिये ‘ध्यान’ एक वरदान की तरह है। ‘ध्यान’ के महत्त्व को वैज्ञानिकों ने भी माना है। ‘¬’ शब्द के जाप से हमारे शरीर व मन को चमत्कारिक लाभ होता है।

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