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May 26 2019 03:32 AM

आईपीएल 2018 : खेल हित को देखकर होगा IPL को लेकर बड़ा फैसला

Posted at: Feb 1 , 2018 by Dilersamachar 5381

दिलेर समाचार, मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आईपीएल ने लोगों को 'सट्टेबाजी और फिक्सिंग' जैसे शब्दों से परिचित कराया है और विदेशी मुद्रा नियमों के कथित उल्लंघनों को ध्यान में रखते हुए अब समय आ गया है, जब देखना होगा कि क्या यह टूर्नामेंट क्रिकेट के खेल के हित में है।

जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी की याचिका पर आदेश देते हुए यह कड़ी टिप्पणी की।

इस याचिका में मोदी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जुलाई 2015 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें फेमा मामले में गवाहों से जिरह करने की अनुमति नहीं दी गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने दक्षिण अफ्रीका में 2009 में खेले गए आईपीएल मैचों के दौरान विदेशी मुद्रा नियमों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया है।

कोर्ट ने मोदी की याचिका को मंजूरी दी और उनके वकील को गवाहों से जिरह करने की अनुमति दी, लेकिन साथ ही टूर्नामेंट को लेकर कड़ी टिप्पणी भी की।

कोर्ट ने कहा, 'अगर आईपीएल में गंभीर उल्लंघन किए गए हैं, तो यही समय है, जबकि आयोजक यह अहसास करें कि पिछले दस वर्षों में टूर्नामेंट के आयोजन से क्या हासिल किया गया, जिसे खेल कहा जा सकता है, क्योंकि यह अवैधता और कानून के उल्लंघन से भरा है।'

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, 'आईपीएल ने हमें मैचों में सट्टेबाजी और फिक्सिंग जैसे शब्दों से परिचित कराया। केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और आयोजकों के लिए विचार करने का समय है कि क्या आईपीएल का आयोजन खेल के हित में है।'

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