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December 10 2022 11:28 AM

क्या सफेद फंगस ब्लैक फंगस से भी खतरनाक है?

Posted at: May 25 , 2021 by Dilersamachar 9513

दिलेर समाचार, ललिता। जहां एक या अभी तक कोरोना वायरस का आतंक देश भर में से थमा नहीं है वहीं दूसरी और भारत के लोगो की जिंदगी में एक नयी बीमारी ने दस्तक दे दी है। हालांकि दूसरी लहर में कोरोना वायरस के मामले में कुछ गिरावट होती नजर आ रही है, वही दूसरी और एक नई ब्लैक फंगस नाम की बिमारी लोगो को परेशान कर रही है। जहां एक और कोरोना से संक्रमित लोग ब्लैक फंगस से भी संक्रमित हो रहे हैं, वही दूसरी और सफेद फंगस यानी म्यूकोर्मिकोनिस के मामले भी सामने आए हैं। जैसे ब्लैक फंगस धीरे धीरे भारत में पैर पसार रहा है इसे देखते हुए बहुत से राज्यों ने इस बीमारी को भी महामारी घोषित कर दिया है। परंतु ब्लैक फंगस के साथ अब सफेद फंगस ने भी लोगों और सरकार की चिंता को हवा दे दी है। ये संक्रमण हवा में मौजूद म्यूकोर्मिकोसिस नाम की फफूंद से होता है। डॉक्टर के द्वारा ऐसा बताया जा रहा है कि सफेद फंगस ब्लैक फंगस से भी ज्यादा खतरनाक है। आइये जानते हैं इसके कुछ महत्वपूर्ण लक्षण।

जाने क्या होते हैं सफेद फंगस के लक्षण

विशेषज्ञों के अनुसार सफेद फंगस केवल एक अंग को नहीं बल्कि दिमाग या फेफड़ों समेत हर अंग पर असर डालता है। डॉक्टर के अनुसार, सफेद कवक के लक्षणों में नाक बंद हो जाना, नाक में पपड़ी सी जम जाना, तेज सिर दर्द के साथ साथ आंखें लाल होना तथा आंखों पर सूजन आना शामिल हैं। इसके अलावा जोड़ों में तेज दर्द तथा व्यक्ति की सोचने की छमता में परिवर्तन होता नजर आता है। यह वायरस हवा में होने के बावजूद एक से दूसरे को नहीं लगता है बल्कि कोई व्यक्ति इसकी चपेट मैं तभी आता है जब वह सीधा हवा के संपर्क में आता है।

आखिर सफेद फंगल इंफेक्शन के क्या कारण हैं?

प्रतिष्ठित चिकित्सको के अनुसार सफेद फंगस संक्रमण से केवल वही व्यक्ति इसका शिकार हो सकता है जिसकी इम्युनिटी कमजोर हो। आमतौर पर डॉक्टरों के द्वारा ये पाया गया है कि अभी तक जितने भी लोगों को संक्रमण हुआ है वे या तो कोरोना से ठीक हो कर चुके थे फिर कोरोना से जूझ रहे है। अत: ये लोगों को फेफड़ों पर सीधा प्रहार करता है। ये विशेषकर मधुमेह, एचआईवी तथा कोरोना के मरीजों को ज्यादा ग्रसित करता है। ये संक्रमण हवा मे होने के कारण नाक से प्रवेश करता है। इसके अलावा ये संक्रमण कुछ कटे हुए अंग या हिस्से से भी यह प्रवेश करता है। अधिक समय तक रोग से गंभीर होने पर ये शरीर के बाकी अंगों को भी खराब कर देता है।

क्या है इसके बचाव के तरीके?

डॉक्टर्स के अनुसार, इस बीमारी से आसान से बचा जा सकता है। ऑक्सीजन सपोर्ट या वेंटिलेटर जो मरीज के लिए प्रयोग में लाए जा रहे हैं वे जीवाणु मुक्त होने चाहिए। दूसरा सबसे अहम तरीका यह है कि यह  बीमारी खासतौर पर उन लोगों के संपर्क में आ रही है जो कोरोना ग्रस्त है या हो चुके हैं अतः इससे बचाव के लिए यह बहुत जरूरी है कि इम्यूनिटी क्षमता अच्छी रखी जाए। तीसरा अहम बचने का तरीका है की कोरोना के समय ज्यादा स्टेरॉयड का प्रयोग न किया जाए।

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