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ग्रीष्म ऋतु में स्वास्थ्य का ध्यान रखें कामकाजी महिलाएं

Posted at: May 26 , 2019 by Dilersamachar 9408

अनुभा खरे

अक्सर देखा जाता है कि एक ऋतु के बाद दूसरी ऋतु आती है तो मौसम परिवर्तन के कारण सभी उम्र के लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। ग्रीष्म ऋतु में कामकाजी महिलाओं पर मौसम का प्रभाव कुछ ज्यादा ही दिखाई देता है।

कामकाजी महिलाएं प्रायः अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होती हैं या कहना चाहिए कि उन्हें इस बारे में सोचने का समय नहीं मिलता। उन्हें उचित देखभाल की जरूरत होती है। अतः ग्रीष्म ऋतु में यदि थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो हम स्वस्थ रह सकते हैं। हमें अपने स्वास्थ्य के रख रखाव के लिये निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए:-

ऽ प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठ कर शौच क्रिया से निवृत्त होकर व स्नान आदि करके वायु सेवन के लिए अवश्य जाना चाहिए क्योंकि इस क्रिया को यदि नियमित किया जाए तो सूर्य की उष्णता व्याप्त होने से पहले ही शरीर शीतल और स्फूर्त हो जाता है जिससे शरीर में अतिरिक्त उष्णता नहीं बढ़ पाती।

ऽ ग्रीष्म काल में नियमित रूप से शरीर पर तेल की मालिश करके स्नान करने से पित्त व उष्णता का प्रभाव नहीं पड़ता और त्वचा स्वस्थ एवं चिकनी होती है।

ऽ ग्रीष्म काल में शरीर को तेज धूप तथा लपटों से बचाए रखने के लिए घर से बाहर जाते समय एक गिलास ठंडा पानी पीकर ही निकलना चाहिए।

ऽ ग्रीष्म काल में दिन में 1-1 गिलास करके ठण्डा पानी पीते रहना चाहिए।

ऽ ग्रीष्म काल में सायंकाल शौच के लिए अवश्य जाना चाहिए।

ऽ रसोईघर में काम करते समय प्यास लगे तो तत्काल ठण्डा पानी न पिएं। पानी पीकर ही काम शुरू करें ताकि जल्दी प्यास न लगे। प्यास लगे तो रसोईघर से बाहर आकर थोड़ा विश्राम करके घूंट घूंट कर पानी पिएं। फ्रिज का पानी न पिएं।

ऽ यदि आप शिशु को दूध पिलाती हैं तो ग्रीष्म ऋतु में इस बात का विशेष कर ध्यान रखें कि शिशु को दूध पिलाते समय आपका शरीर गर्म न हो। किसी भी कारण से शरीर में बढ़ी हुई उष्णता को सामान्य करके ही दूध पिलाना चाहिए।

ऽ इस ऋतु में उष्ण प्रकृति के खट्टे, तेज मिर्च मसाले वाले, तले हुए, नमकीन, बेसन से बने, रूखे, और भारी यानी देर से पचने वाले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।

ऽ     ग्रीष्म ऋतु में शरीर में शीतलता स्निग्ध, और तरावट देने वाले पदार्थों का आहार लेना चाहिए। शीतवीर्य गुण वाले, मधुर रस वाले, तरल और स्निग्धता वाले पदार्थों का सेवन करना चाहिये।

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