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December 7 2022 03:17 AM

जानें क्या है ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट, जिस पर घिरी है केजरीवाल सरकार

Posted at: Jun 25 , 2021 by Dilersamachar 9591

दिलेर समाचार, नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की खपत पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की तरफ से गठित ऑडिट टीम ने दिल्ली में ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर अंतरिम रिपोर्ट में कहा है कि राज्य सरकार (Delhi Government) ने कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की मांग को बढ़ाकर दिखाया, जिसके चलते अन्य राज्यों में सप्लाई प्रभावित हुई है. रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सवाल दागे हैं. साथ ही दिल्ली सीएम पर ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर राजनीति करने के आरोप लगाए हैं. इस पर दिल्ली सरकार ने भी पलटवार किया है.

पेट्रोलियम एंड ऑक्सीजन सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) की तरफ से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने अप्रैल-मई में जब कोरोना संकट चरम पर था, तो ऑक्सीजन की मांग को चार गुना बढ़ाकर दिखाया था. इसमें कहा गया है कि दिल्ली में ऑक्सीजन की औसत खपत 284 से 372 मीट्रिक टन के बीच थी. साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली में 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन को स्टोर करने के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था. PESO स्टडी के मुताबिक, दिल्ली के पास 'अतिरिक्त ऑक्सीजन थी, जो दूसरे राज्यों में सप्लाई को प्रभावित कर रही थी.'

रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कहा, 'ऑक्सीजन को लेकर जिस प्रकार की राजनीति अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार ने की, आज उसका पर्दाफाश हुआ है. दिल्ली में ऑक्सीजन ऑडिट पैनल की रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं, वो चौंकाने वाले हैं. रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सरकार द्वारा ऑक्सीजन की जरूरत को 4 गुना बढ़ाकर बताया गया.'

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, 'दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन के कारण कई लोगों ने अपनी जान गंवाई, इसके लिए अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं. हम आशा करते हैं सर्वोच्च न्यायालय में वो जिम्मेदार ठहराए जाएंगे और जो अपराध उन्होंने किया है, उसके लिए उन्हें दंडित किया जाएगा.' उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने जघन्य अपराध किया है.

दिल्ली सरकार ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी ने अब तक अंतरिम रिपोर्ट पर 'हस्ताक्षर या मंजूर' नहीं किया है. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है, 'साझा की गई रिपोर्ट बीजेपी के अपने पार्टी मुख्यालय में तैयार की गई है.' उन्होंने कहा, 'एक कथित रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है कि दिल्ली की ऑक्सीजन मांग को बढ़ाकर दिखाया गया है. ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है. बीजेपी के लोग झूठ बोल रहे हैं.'

सिसोदिया ने कहा, 'हमसे बात करने वाले पैनल के सदस्य कह रहे हैं कि उन्होंने किसी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किए और ना ही मंजूर की है. यह मामला विचाराधीन है और अदालत में चल रहे मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.' उन्होंने इस दौरान केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. डिप्टी सीएम ने कहा, 'अप्रैल में दूसरी लहर के चरम पर होने के दौरान दिल्ली ने ऑक्सीजन की गंभीर कमी का सामना किया. ऑक्सीजन का प्रबंधन केंद्र की जिम्मेदारी थी. वे असल में केजरीवाल को गाली नहीं दे रहे. बल्कि अपने दावों से वे उन्हें निशाना बना रहे हैं, जिन्होंने मेडिकल ऑक्सीजन की कमी के चलते अपनों को खोया है.'

बता दें कि ऑक्सीजन के ऑडिट के लिए बना पैनल एम्स निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की अगुवाई में काम कर रहा है. इसमें दिल्ली सरकार के प्रमुख गृह सचिव भूपिंदर भल्ला, मैक्स हेल्थकेयर के निदेशक संदीप बुद्धिराजा, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुबोध यादव और संजय कुमार सिंह शामिल हैं.

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