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July 8 2020 01:02 AM

विष्णु सहस्त्रनाम के अनेक लाभ

Posted at: May 17 , 2020 by Dilersamachar 6164

दिलेर समाचार, ज्योतिषाचार्य ललित शर्मा। महाभारत के एकोनपन्चाशदधिकशततम (149) अध्याय: अनुशासन पर्व (दानधर्म पर्व) के अनुसार विष्णु सहस्त्रनाम के अनेक लाभ हैं, महाभारत समाप्त होने के पश्चात् भीष्म जी जब सर शैया पर लेटे थे, तो श्रीकृष्ण उनके पास आये और पूछा की कल में पांडवो को आपके पास लाऊंगा, आप उन्हें उपदेश दीजियेगा, भीष्म ने कहा मैं बाणों के लगने कारण में क्षतविक्षित हो चुका हूँ, अब मेरी वह अवस्था नहीं हैं जो दरबार में थी।

भगवान श्रीकृष्ण ने कहा आपके अंदर सारे तत्व प्रकाशित हो जायेगे, आपके शरीर में किसी प्रकार का क्लेह

नहीं रहेगा और उनके सर पर हाथ फेर दिया।

अगले दिन जब श्रीकृष्ण पांचो पांडव और द्रोपदी के साथ आये तो श्रीकृष्ण ने कहा मैं प्रश्न करूँ।

भीष्म ने कहा नहीं युधिस्टर से कहे वह प्रश्न करे।

युधिस्टर ने पूछा ऐसा कोन सा धर्म हैं, जिसके करने से मानव इस संसार के सागर से पार चला जाता हैं और भाव बंधन से मुक्त हो जाता हैं ।

भीष्म ने उत्तर दिया और कहा विष्णु जी के एक हजार नाम (श्री विष्णुदिव्यसहस्त्रनाम) का नित्य पाठ जो कोई भी करता हैं, वह संसार में रहते हुए भुक्ति और मुक्ति दोनों प्राप्त करता हैं, इस पाठ को रोजाना करना चाहिए, यह

बहुत ही गुणकारी हैं।

भगवान की स्तुति 3 प्रकार की होती हैं ।

1. गुण सम्बन्धी

2. रूप सम्बन्धी

3. लीला सम्बन्धी

विष्णु सहस्त्रनाम में भगवान् के गुण सम्बन्धी नाम हैं।

ज्योतिष के अनुसार

जिसकी ख़राब दशा चल रही है तो वह रोजाना विष्णुसहस्त्रनाम का नित्य पाठ करता हैं तो उसके कष्टों में कमी आती हैं. साथ साथ जिसकी बुध की दशा चल रही हो उसको यह पाठ अवश्य करना चाहिए जन्मनक्षत्र के अनुसार कोई एक मंत्र हैं जो इस पाठ में निहित हैं जन्म समय शुद्ध न होने के कारण पूरा पाठ करना ही सर्वश्रेष्ठ हैं।

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