Logo
August 16 2022 12:57 PM

मिताली राज है महिला क्रिकेट की 'लेडी तेंदुलकर', जानें क्या है उनकी दिलचस्प कहानी

Posted at: Dec 3 , 2021 by Dilersamachar 9125

दिलेर समाचार, नई दिल्ली. दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेट क्रिकेटरों में शुमार मिताली राज (Mithali Raj) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए 2 दशक से ज्यादा का वक्त हो चुका है. उनके बल्ले की चमक अभी तक फीकी नहीं पड़ी है. आज ही के दिन यानी 3 दिसंबर, 1982 को मिताली का जन्म राजस्थान के जोधपुर (Mithali Raj Birthday) शहर में हुआ था. अपना 39वां जन्मदिन मना रहीं मिताली बचपन में क्लासिकल डांसर बनना चाहती थी. उनकी मां भी यही चाहती थी लेकिन पिता बेटी को क्रिकेटर बनाने की ख्वाहिश रखते थे.

मिताली राज ने पिता के सपने को पूरा करने के लिए बल्ला थामा और आज क्रिकेट बुक में उनके नाम तमाम रिकॉर्ड दर्ज हैं. वह महिला वनडे में सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं. वो भारत की इकलौती (महिला औऱ पुरुष) क्रिकेटर हैं, जिसने बतौर कप्तान दो वनडे वर्ल्ड कप फाइनल खेले हैं. हालांकि, उनके विश्व चैम्पियन बनने की मुराद अब तक पूरी नहीं हुई है. अगले साल न्यूजीलैंड में वनडे विश्व कप में ऐसे में उनका यह सपना भी पूरा हो सकता है.

मिताली राज ने एक इंटरव्यू में अपने क्रिकेटर बनने के सफर की शुरुआत के बारे में बताया था. उनके पिता क्रिकेटर बनना चाहते थे. लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण ऐसा नहीं कर पाए. इसके बाद उन्होंने मिताली को क्रिकेट से जोड़ा. वो खुद क्रिकेटर नहीं बनना चाहती थीं. उनका सपना क्लासिकल डांसर बनना था. एक बार क्रिकेट का बल्ला थामने के बाद धीरे-धीरे उन्हें इस खेल में मजा आने लगा. हालांकि, उन्हें सुबह उठकर क्रिकेट क्लब जाना बहुत बुरा लगता था. लेकिन खेल से लगाव हो जाने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

मिताली ने 17 साल की उम्र में वनडे डेब्यू किया और पहले ही मैच में नाबाद 114 रन ठोककर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धमाकेदार आगाज किया. जल्द ही वो भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ बन गईं. तकनीकी रूप से मजबूत होने और एक छोर से पारी को संभालने की उनकी काबिलियत ने बल्लेबाजों की दो पीढ़ियों को प्रेरित किया.

इसी खूबी के दम पर ही उन्होंने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ 19 साल 254 दिन की उम्र में टॉन्टन में टेस्ट में दोहरा शतक ठोककर इतिहास रच दिया था. यह तब महिला टेस्ट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की केरन रॉल्टन के नाबाद 209* के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था. हालांकि, बाद में पाकिस्तान की किरन बलूच ने 242 रन बनाकर यह रिकॉर्ड तोड़ दिया था. लेकिन सबसे कम में दोहरा शतक ठोकने का उनका रिकॉर्ड आज भी कायम है.

2017 के वनडे विश्व कप में मिताली इंग्लैंड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए वनडे में सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनीं थीं. वो इस फॉर्मेट में 6 हजार रन बनाने वालीं पहली महिला क्रिकेटर भी बनीं थीं. उन्होंने तब टूर्नामेंट में 409 रन बनाए थे. उनकी बल्लेबाजी के बदौलत भारत फाइनल खेला था. हालांकि, 2018 के टी20 विश्व कप के दौरान उनका नाम एक विवाद के साथ भी जुड़ा था. दरअसल, तब उन्हें सेमीफाइनल मैच में मौका नहीं दिया गया था. तब उन्होंने हेड कोच रमेश पोवार पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था.

ये भी पढ़े: मुझे पैदा क्यों किया? मां के डॉक्टर पर बेटी ने किया केस, जीती 1 करोड़

Related Articles

Popular Posts

Photo Gallery

Images for fb1
fb1

STAY CONNECTED