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March 30 2020 02:56 AM

निर्भया: 3 मार्च को भी टल सकती है निर्भया के दोषियों की फांसी

Posted at: Feb 18 , 2020 by Dilersamachar 5298

दिलेर समाचार, निर्भया के दोषियों की फांसी की नई तारीख 3 मार्च सुबह 6 बजे निश्चित की गई है। यह तीसरी बार है जब निर्भया के दोषियों का डेथ वारंट जारी किया गया है। हालांकि तीन मार्च को भी दोषियों को फांसी होगी ऐसा यकीन से नहीं कहा जा सकता। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि इसकी वजह सोमवार को डेथ वारंट पर हुई सुनवाई के दौरान दी गई दलीलों में ही छिपी है।

सबसे बड़ी और पहली बात तो ये है कि दोषी पवन ने अब तक न ही सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन डाला है न ही राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी है। हाल ही में अदालत ने उसे वकील उपलब्ध कराया है, जिसने आज की सुनवाई में पटियाला हाउस कोर्ट में बताया कि पवन अपने दोनों कानूनी विकल्प इस्तेमाल करना चाहता है। अब अगर पवन क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका डालता है तो उसकी सुनवाई के लिए समय चाहिए होगा।

दिल्ली जेल नियम के अनुसार दोषी की दया याचिका खारिज हो जाने के बाद भी उसे 14 दिन का समय देना जरूरी है। ऐसे में तीन मार्च को फांसी होना मुश्किल है। दूसरा कारण है अक्षय की नई दया याचिका- सोमवार को डेथ वारंट पर हुई सुनवाई के दौरान दोषी अक्षय के वकील एपी सिंह ने अदालत को बताया कि अक्षय के माता-पिता ने पूर्व में जो दया याचिका डाली थी वह आधूरी थी। इसलिए अब वह नई दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजेंगे।

मान लें कि अक्षय की ये दया याचिका भी खारिज हो जाती है तो भी उसे 14 दिन का समय दया याचिका खारिज होने के बाद मिलेगा ही। तीसरा कारण है मुकेश के वकील का बदलना- आज मुकेश की मां ने अदालत में आवेदन डालकर मुकेश के लिए नए वकील की मांग की। इस पर अदालत ने मुकेश के लिए वकील रवि काजी को नियुक्त किया है। रवि काजी वही वकील हैं जिन्हें बीते दिनों पवन के वकील के रूप में भी नियुक्त किया गया, जब एपी सिंह ने पवन का केस लड़ने से मना कर दिया था। अब अगर वकील बदला है तो माना जाता है कि वह केस स्टडी में कुछ समय लेगा और हो सकता है कि किसी कानून का प्रयोग कर नई तिकड़म लगाने की कोशिश करे, जिससे दोषियों की फांसी टल जाए।

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