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August 16 2022 01:44 PM

डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन वेरिएंट से 3 गुना ज्यादा री-इंफेक्शन का खतरा

Posted at: Dec 3 , 2021 by Dilersamachar 9115

दिलेर समाचार, नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में हुई एक स्टडी में कहा गया है कि कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट (Coronavirus Omicron Variant) से दोबारा संक्रमण (Reinfections) का खतरा डेल्टा या बीटा वेरिएंट के मुकाबले तीन गुणा ज्यादा है. इस स्टडी को वैज्ञानिकों ने गुरुवार को प्रकाशित किया है. दक्षिण अफ्रीका की स्वास्थ्य व्यवस्था (South Africa Health System) द्वारा इकट्ठा किए गए डाटा के आधार पर इस अध्ययन को अंजाम दिया गया है. ये अपनी तरह का पहला शोध है, जो संक्रमण के स्तर पर ओमिक्रॉन वेरिएंट की क्षमता को दर्शाता है कि नया वेरिएंट इम्युनिटी को भेद पाने में कितना सक्षम है. ये शोध पत्र अभी मेडिकल प्रीप्रिंट सर्वर पर अपलोड किया गया है और अभी तक इसका पीयर रिव्यू नहीं हुआ है.

शोध पत्र के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका में 2.8 मिलियन (28 लाख) मामलों में 35,670 मामले संभावित तौर पर दोबारा संक्रमण के हैं, ये आंकड़े 27 नवंबर तक के हैं. अगर एक व्यक्ति के पॉजिटिव होने का मामला 90 दिनों के अंतर पर आता है, तो इसे री-इंफेक्शन माना जाता है. दक्षिण अफ्रीका के डीएसआई-एनआरएफ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एपिडेमियोलॉजिकल मॉडलिंग एंड एनालिसिस के डायरेक्टर जुलिएट पुलिएम ने ट्वीट किया, ‘हाल के दिनों में लोगों में दोबारा संक्रमण का मामला, उनमें पाया गया है जो कोरोना की पिछली तीन लहरों में संक्रमित पाए गए थे. इनमें से ज्यादातर डेल्टा वेरिएंट के संक्रमण के शिकार हुए थे.’

हालांकि पुलियम ने चेताया कि शोधकर्ताओं के पास व्यक्तिगत तौर पर लोगों की जानकारी नहीं थी, इससे यह नहीं पत चल पाया कि ओमिक्रॉन ने वैक्सीन से पैदा हुई इम्युनिटी को कितना नुकसान पहुंचाया है. शोधकर्ताओं की योजना आगे इस पर काम करने की है. पुलियम ने कहा, ‘बीमारी की गंभीरता का पता लगाने के लिए डाटा की आवश्यकता है. खासतौर पर ओमिक्रॉन से जुड़ा हुआ. इसमें उन लोगों का भी डाटा होना चाहिए जो पहले भी इंफेक्शन के शिकार हो चुके हैं.’ यूनिवर्सिटी ऑफ साउथम्पैटन के साइंटिस्ट माइकल हेड ने रिसर्च की तारीफ करते हुए इसे उच्च गुणवत्ता वाला बताया है.

उन्होंने अपने बयान में कहा, ‘ये विश्लेषण चिंतित करने वाला है. पिछले संक्रमण के चलते पैदा हुई इम्युनिटी को नया वेरिएंट आसानी से भेद दे रहा है. हो सकता है कि ये गलत हो, लेकिन इसकी संभावना बेहद कम लग रही है.’ इससे दक्षिण अफ्रीका के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज की एक्सपर्ट और साइंटिस्ट अन्ने वोन गोट्टबर्ग ने चेताते हुए कहा था कि संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन उम्मीद है कि वैक्सीन अभी भी प्रभावी साबित होगी.

ये भी पढ़े: दक्षिण अफ्रीका में लगा लॉकडाउन, एक दिन में दोगुने हुए ओमिक्रॉन संक्रमित

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