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September 27 2022 02:08 PM

बदहाल इकॉनामी को सुधारने की कवायद में पाकिस्तान

Posted at: Aug 22 , 2022 by Dilersamachar 9112

दिलेर समाचार, इस्लामाबाद. पाकिस्तान विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के बीच चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की पांच परियोजनाओं की कुल लागत का 20 प्रतिशत केंद्रीय बैंक में जमा के रूप में लेने के एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. समाचारपत्र ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ में पाकिस्तानी मंत्रिमंडल के एक सदस्य के हवाले से जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. मंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव पर उच्चतम स्तर पर बात हुई है और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे और दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं.

इस रिपोर्ट के मुताबिक सात अरब डॉलर के अनुमानित मूल्य की कम-से-कम पांच सीपीईसी परियोजनाओं पर चर्चा हुई. इस प्रस्ताव के तहत पाकिस्तान को सात अरब डॉलर की कुल लागत में से अपने केंद्रीय बैंक में कम-से-कम 1.4 अरब डॉलर मिल सकते हैं. ऐसा होने पर कई वर्षों से लंबित इन परियोजनाओं को तेज रफ्तार से क्रियान्वित किया जा सकेगा. पाकिस्तानी समाचारपत्र ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल को इस प्रस्ताव को लेकर कुछ चिंताएं हैं, जिनमें इन योजनाओं को प्राथमिकता दिए जाने की बात शामिल है. इससे पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती है.

इस प्रस्ताव के मुताबिक सीपीईसी परियोजना की प्रायोजक चीनी कंपनी कुल लागत का 20 फीसद अमेरिकी मुद्रा डॉलर में लाएगी और विशेष खाते में जमा करवाएगी. इस बारे में पाकिस्तानी और चीनी अधिकारियों के बीच शुरुआती स्तर की चर्चा हो चुकी है जिसके बाद ही इसे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने भेजा गया. रिपोर्ट में बताया गया कि चीन की कंपनियों को किसी भी स्थिति में यह पैसा वापस लेने की इजाजत नहीं होगी. इस पैसे से नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को कुछ राहत मिल सकती है. इस धन के बदले में पाकिस्तान पांच परियोजनाओं की राह में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने का वादा करेगा.

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