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August 16 2022 12:02 PM

पाकिस्तानी आतंकी का कैमरे पर कबूलनामा, हाफिज सईद को बताया गुरू

Posted at: May 25 , 2018 by Dilersamachar 9521
दिलेर समाचार- भारत ने जहां एक ओर रमजान के महीने में कश्मीर में मिलिट्री ऑपरेशन पर रोक लगा दी है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान में बैठे आतंक के आका पवित्र महीने में भी नापाक चालें चल रहे हैं. जम्मू कश्मीर में पकड़े गए पाकिस्तान के आतंकी जबीउल्ला हमजा ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है. जबीउल्ला हमजा ने बताया कि पाकिस्तान में 26/11 हमले के गुनहगार हाफिज सईद और जाकिर ओमान नकवी आतंकियों को ट्रेनिंग देने का काम कर रहे हैं. जबीउल्ला हमजा ने बताया कि इनमें से करीब 450 आतंकी ऐसे जो मरने और मारने को तैयार हैं.
 

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जबीउल्ला ने बताया, "मैंने पहले लश्कर के कैंप में 21 दिन की ट्रेनिंग की उसके बाद पांच महीने के दौरा-ए-खास पर हम मुजफ्फराबाद गए. पहले दो महीने हम दखन में रहे, उसे बाद दो महीने वॉर में रहे, आखिरी के एक महीने में अक्सा में रहा.''
 

ट्रेनिंग के दौरान एक बार हमारी मुलाकात हाफिज सईद और एक बार जाकिर ओमान नकवी से हुई. जाकिर ओमान नकवी ने हमें बताया कि जेहाद के दौरान डटे रहना. उसके बाद मई 2017 में हमारा लश्कर हुआ और हमारी बर्फानी ट्रेनिंग हुई. ये ट्रेनिंग दो महीने चली.
 

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जबीउल्ला ने बताया, "इसके बाद हमने इंडिया की पोस्ट का चक्कर लगाया लेकिन हम बॉर्डर क्रॉस नहीं कर पाए. इंडियन आर्मी ने फायरिंग की इसलिए हम वापस आ गए. इसके बाद हमने एक बार और कोशिश की, हम भारत की डेंगवाली पोस्ट पर गए. हमारे कुछ साथी बॉर्डर क्रॉस कर गए और हम वापस आ गए. तीसरी बार हम भारत की चट्टा बट्टा पोस्ट पर गए माइंस लेकर गए. अगले दिन ये माइन ब्लास्ट कर गई, इसमें भारतीय फोर्स के दो जवान मारे गए. तीन दिन बाद जब सेना सर्च ऑपरेशन के लिए आई तो हमने दूसरी माइन भी ब्लास्ट करने की कोशिश की. हमारे रिमोट के सेल खत्म हो गए तो हम माइन वहीं छोड़कर चले गए.''
 

जबीउल्ला ने बताया, "इसके बाद हमने फिर दो बार बॉर्डर की कोशिश की लेकिन क्रॉस नहीं कर पाया. इसके बाद हमने जुम्मागढ़ नाले के पास से बाढ़ काट कर कोशिश की. हम मुफ्फराबाद से तेंजियां गांव के पास भारतीय बॉर्डर की बाढ़ काटी और कुपवाड़ा पहुचें. हमारे साथ पांच गाइड थे जो वापस चले गए.''
 

जबीउल्ला ने बताया कि पाकिस्तानी सेना को एक भारतीय हेलीकॉप्टर मारे गिराने पर उमरा का टिकट और लाखों रुपया मिलता है. जबीउल्ला ने बताया कि लश्कर के लिए फंडिंग एफआईएफ के बैनर तले होती है. एफआईएफ वर्मा और कश्मीर के मजलूम मुसलमानों के नाम पर पैसा मांगती है.,यहां से पैसा लश्कर को जाता है.
 

कौन है जबीउल्ला हमज़ा?
20 साल का आतंकी जबीउल्ला हमज़ा मुल्ताल पाकिस्तान का रहने वाला है. एक एनकाउंटर के दौरान जबीउल्ला भाग गया था जिसे बाद में 6 अप्रैल2018 को जम्मू कश्मीर पुलिस ने पकड़ा. 4 मई 2018 को जबीउल्ला का केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने अपने हाथ में लिया. 5 मई को जबीउल्ला एनआईए कोर्ट के सामने पेश किया गया, कोर्ट ने उसे 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया.

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