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January 23 2020 11:04 AM

जाने कड़वे करेले के मीठे मीठे गुड़

Posted at: Jun 24 , 2018 by Dilersamachar 5289

आर. डी. अग्रवाल

दिलेर समाचार, एक असाध्य बीमारी है मधुमेह डायबिटीज! करेला मधुमेह के रोगियों के लिए ’अमृत‘ तुल्य है। 100 मिली. के रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है। प्रातः चार किलोमीटर टहलना चाहिए तथा मिठाई खाने में परहेज रखना चाहिए। करेला मधुमेह के अलावा अन्य शारीरिक तकलीफों में भी लाभदायक है। जैसे-

कब्ज:- नित्य करेला सेवन करने से कब्ज दूर होता है। यह एक अनुपम सब्जी है और इसमें ज्यादा तेल-मसाले नहीं डालने चाहिए।

पीलिया:- ताजा करेले का रस सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।

दमा:- दमा के मरीज भी करेले का रस सुबह खाली पेट लेकर राहत पा सकते हैं। सब्जी भी ज्यादा खानी चाहिए।

पथरी:- पथरी गुर्दे की हो या मूत्राशय की, इसे तोड़कर बाहर निकालने की क्षमता करेला रखता है। करेले का रस दिन में दो बार और दोनांे समय भोजन में करेले की सब्जी खानी चाहिए।

खूनी बवासीर:- मस्से फटने से रक्तस्राव होता है जिसे खूनी बवासीर कहा जाता है। रोगी नित्य दिन में दो समय करेले के रस में दो चम्मच शक्कर मिलाकर पिये तो लाभ होगा।

पाचन शक्ति:- यदि पाचन शक्ति कमजोर हो तो किसी भी प्रकार करेले का नित्य सेवन करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है। करेला स्वयं भी शीघ्र पचता है।

खून की शुद्धि:- करेला खून की शुद्धि करने में पूरी तरह सक्षम है। यदि त्वचा-रोग हो तो भी रक्त-शुद्धि हेतु करेले का रस कुछ दिनों तक आधा-आधा कप पीना लाभदायक है। इस प्रकार कड़ुवा करेला अनेकों रोगों में औषधि रूप में काम आ सकता है बशर्ते उसे उसी  रूप में लिया जाये-रस या सब्जी बनाकर।

ये भी पढ़े: अब फल व सब्जियो से शरीर को रखे स्वसथ


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