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पंजाब के मुख्यमंत्री ने गत् 6 महीनेंं दौरान किसान आत्महत्याएं बढऩे संबंधी विरोधी पक्ष के दावों की हवा निकाली

Posted at: Sep 18 , 2017 by Dilersamachar 9361
दिलेर समाचार, पंजाब के मुख्यमंत्री ने गत् 6 महीनेंं दौरान किसान आत्महत्याएं बढऩे संबंधी विरोधी पक्ष के दावों की हवा निकाली मार्च-सितंबर 2016 की 153 आत्महत्याओं के मुकाबले 2017 के इसी समय दौरान 131 किसानों द्वारा आत्म -हत्याकिसानी कजऱ् माफ करने के लिए नोटिफिकेशन जल्दी लागू करने का वादा
नई दिल्ली, 18 सितंबर:
कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा किसानों के कजऱ्े माफ करने संबंधी  किये गए ऐलान के बाद सूबे में किसानों की आत्महत्यओं के मामले दुगने हो जानें संबंधी विरोधी पक्ष के दावों की हवा  निकालने के लिए मुख्यमंत्री ने आज सरकारी आंकड़े जारी किये हैं और भरोसा दिलाया है कि किसानों के कजऱ्े माफ करने संबंधी जल्दी ही नोटिफिकेशन औपचारिक तौर पर लागू कर दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे एक भी किसान की मौत उनके लिए बहुत ही दुखदायी व चिंताजनक है परन्तु फिर भी उनकी सरकार इस गंभीर मुद्दे पर आम आदमी पार्टी या शिरोमणी अकाली दल की नंबर बनाने की खेल खेलने में शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इन पार्टियों को झूठ व मनघड़ंत कुप्रचार से किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने की आज्ञा नहीं देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कजऱ्े के बोझ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए ज़रूरी नोटिफिकेशन अगले कुछ ही दिनों में जारी कर दिया जायेगा जो कि इस समस्या के संबंध में सरकार की उदासीनता के कारण गत् वर्षो से लगातार बढ़ता गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में रूप रेखा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया  सरकार द्वारा जारी है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि विधान सभा में किये गए ऐलान के अनुसार कजऱ् माफी के पहले पड़ाव में शामिल किये जाने वाले किसानों को कजऱ्े का एक भी पैसा अदा करने की ज़रूरत नहीं होगी।
अकालियों की तरफ से किसानों के कजऱ्े माफ करने संबंधी एक भी कदम न उठाने या उनकी मुश्किलों को हल करने के लिए एक भी पहलकदमी करने में असफल रहने का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गत्  सरकार द्वारा विरासत में मिले गंभीर आर्थिक संकट के बावजूद उनकी सरकार किसान भाईचारो के साथ किये अपने सभी वायदों को अमल में लाने जा रही है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पांच एकड़ ज़मीन वाले किसानों के दो लाख रुपए के कजऱ्े माफ करने और दूसरे लघु व मध्यम किसानों को दो लाख रुपए तक भुगतान से छूट देने के लिए उनकी सरकार द्वारा जून में उस समय यत्न आरंभ किये थे जब पंजाब विधान सभा में इस संबंधी ऐलान किया गया था। उन्होंने अधारहीन और झूठे बयानों द्वारा लोगों को गुमराह करने की कोशिश के लिए विरोधी पक्ष की तीखी आलोचना की।
    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इस तरह के गलत बयान किसानों को निराश करते हैं और उनको आत्म -हत्याएं की ओर धकेलते हैं। उन्होंने विरोधी पक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपने राजनैतिक हितों के लिए सरकार विरुद्ध झूठा प्रचार कर रही है और वह ऐसा करते हुए यह भी अपने ध्यान में नहीं रखती कि मुसीबतों में फंसे हुए किसानों पर इस का क्या प्रभाव पड़ेगा?
सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि शिरोमणी अकाली दल -भारतीय जनता पार्टी के शासन दौरान मार्च, 2007 से लेकर मार्च, 2017 तक कुल 997 किसानों ने खुदकुशी की। इनमें से 155 आत्महत्याएं जनवरी, 2015 से दिसंबर, 2015 के बीच हुई और वर्ष 2016 के बाद बादल सरकार के शासन दौरान 225 आत्महत्याएं हुई जिससे आत्महत्याओं में बड़ी वृद्धि के संकेत मिलते हैं। उन्होंने कहा कि संकट में घिरे किसानों द्वारा अपनी हालत में सुधार न होने की उम्मीद होने के कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाने में भारी वृद्धि हुई है। पंजाब राज्य किसान कमीशन और पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के आंकड़ों से अनुसार साल 2005 -06 दौरान प्रति परिवार पर तकरीबन 1.79 लाख रुपए कजऱ् था जो साल 2014 -15 दौरान बढ़ कर 4.74 लाख रुपए हो गया।
    आज यहां जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च -सितंबर के समय से यह स्पष्ट होता है कि आत्महत्याओं के मामले वास्तव में 2017 दौरान घटे हैं। वर्ष 2016 के मार्च-सितंबर के समय दौरान 153 आत्महत्याएं हुई थी जो वर्ष 2017 इसी समय दौरान घटकर 131 रह गई हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा गत् छह महीनों दौरान 250 किसानों के आत्महत्याएं करने संबंधी किये गए दावे को यह आंकड़े झुठलाते हैं।
    उन्होंने कहा कि गत् सरकार द्वारा किसान आत्महत्याओं के लिए दिए जाते मुआवज़े में उनकी सरकार ने बढ़ौतरी की है। वर्ष 2014 दौरान कुल मुआवज़ा 148 लाख रुपए, 2015 दौरान 389 लाख रुपए और साल 2016 दौरान 429 लाख रुपए दिया गया जबकि साल 2017 के रहते गत्् सरकार के समय दौरान सिफऱ् 27 लाख रुपए मुआवज़े का भुगतान किया। इसके मुकाबले उनकी सरकार ने न सिफऱ् आत्महत्याओं संबंधी मुआवज़ा तीन लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख किया बल्कि अप्रैल से जून तक के 114 मामलों के लिए 311 लाख रुपए के मुआवज़े का भी ऐलान किया।
    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आधारहीन बातों के द्वारा फिज़़ूल आरोप लगाने की जगह विरोधी पक्ष को इन आंकड़ों एवं तथ्यों को झुठलाने की चुनौती दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के बहुत ही नाजुक मुद्दे पर सफ़ेद झूठ बोलकर विरोधी पक्ष किसानों की न केवल भावनाएं बल्कि जीवन से खेल रही है जिन्होंने गत् दस वर्ष के अकाली शासन दौरान पहले ही भारी नुक्सान बर्दाश्त किया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों की भलाई के लिए गत् 6 महीनों दौरान अनेकों कदम उठाए हैं। किसानों को अपनी फ़सल का लाभप्रद न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने कारण यह बोझ बढा है। धान और गेहूं पर खर्चा बहुत बढ़ गया है जिसके कारण फ़सली उत्पाद में रुकावट आ गई है। किसानों के कजऱ्े माफ करने के इलावा उनकी सरकार सूबे की कृषि नीति को नया रूप देने के लिए कार्य कर रही है। सरकार की तरफ से इस समय  किसानों की आय को बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया हुआ है।
 
 
 

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