Logo
April 25 2019 06:13 AM

भतीजे अखिलेश पर लगी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जानें से रोक तो बुआ मायावती ने कही ये बात

Posted at: Feb 12 , 2019 by Dilersamachar 5694

दिलेर समाचार, नई दिल्ली। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के वार्षिक कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव  (Akhilesh Yadav) को लखनऊ हवाई अड्डे पर ही रोक दिए जाने की घटना की बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने भी निंदा की है. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे अखिलेश यादव को रोके जाने की घटना को मायावती ने लोकतंत्र की हत्या करार दिया और सरकार की तानाशाही बताया. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं के शपथ समारोह में शामिल नहीं होने देने के लक्ष्य से उन्हें लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर रोक दिया गया.

बताया जा रहा है कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विरोध के बाद कार्यक्रम में शिरकत करने की अखिलेश यादव को अनुमति नहीं दी है. यही वजह है कि लखनऊ पुलिस ने एयरपोर्ट पर उनके चार्टेड प्लेन को रोक दिया. इस मुद्दे पर विधानसभा और विधानपरिषद में भी जमकर हंगामा हुआ और क्रमश: 20 और 25 मिनट के लिये दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी.

मायावती ने अखिलेश यादव के समर्थन में ट्वीट किया और कहा कि 'समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आज इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिये उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निन्दनीय व बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक.'

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव को आज इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिये उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निन्दनीय व बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक।

क्या बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकार बीएसपी-सपा गठबंधन से इतनी ज्यादा भयभीत व बौखला गई है कि उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधि व पार्टी प्रोग्राम आदि करने पर भी रोक लगाने पर वह तुल गई है। अति दुर्भाग्यपूण। ऐसी आलोकतंत्रिक कार्रवाईयों का डट कर मुकाबला किया जायेगा।

उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा- क्या बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकार बीएसपी-सपा गठबंधन से इतनी ज्यादा भयभीत व बौखला गई है कि उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधि व पार्टी प्रोग्राम आदि करने पर भी रोक लगाने पर वह तुल गई है. अति दुर्भाग्यपूण. ऐसी आलोकतंत्रिक कार्रवाईयों का डट कर मुकाबला किया जायेगा'.

ये भी पढ़े: बाजारवाद के इस दौर में प्रेम भी तोहफों का मोहताज़ हो गया


Tags:

Related Articles

Popular Posts

Photo Gallery

STAY CONNECTED