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April 26 2019 04:07 PM

ये खबर केवल महिलाओं के लिए : जान लें आखिर क्यों जरुरी होता है महिलाओं की योनी के साथ ये करना!

Posted at: Jan 27 , 2019 by Dilersamachar 6098

दिलेर समाचार, रेजिना स्टीफर्सन को रेक्टोसेले के लिए सर्जरी की जरूरत थी, जो मलाशय और योनि के बीच की दीवार का एक प्रोलैप्स है. उसके सर्जन ने कहा कि उसके मूत्राशय यानी ब्लैडर को भी ऊपर उठाने की जरूरत है और उन्होंने ऐसा किया भी, जिसके लिए उन्होंने योनि जाल या वजाइनल मेश का सहारा लिया. आसान शब्दों में कहें तो मूत्राशय को मजबूत करने के लिए एक सर्जिकल जाल का इस्तेमाल किया गया.

48 साल की उम्र में स्टीफर्सन ने 2010 में यह सर्जरी कराई थी. उन्होंने बताया कि वह दो साल तक डिएबिलीटी लक्षणों का सामना करती रहीं. एक सक्रिय महिला, जो घोड़ों की सवारी करती थी, स्टीफर्सन ने कहा कि उसे सर्जरी के बाद लगातार दर्द, चलने में तकलीफ, बुखार चढ़ना-उतरना और वजन कम होना, मतली और सुस्ती जैसी समस्याएं बनी रहीं.

अगस्त 2012 में स्टीफ़र्सन और उनकी बेटी ने योनि जाल यानी Vaginal Mesh से संबंधित एक विज्ञापन देखा, जिसमें 10 लक्षणों का उल्लेख किया गया था और कहा था कि यदि आपके पास एक वकील को बुलाने के लिए है.

महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की 2007 की रिपोर्ट दर्शाती है कि देश में 53.22 फीसदी बच्चों को यौन शोषण के एक या अधिक रूपों का सामना करना पड़ा, जिसमें से 52.94 फीसदी लड़के इन यौन उत्पीड़न की घटनाओं का शिकार हुए.

"मेरी बेटी ने कहा," अरे मां,  आपके पास उनमें से हर लक्षण है.''

वजाइनल मेश या यौनी जाली या नेट का इस्तेमाल कमजोर पेल्विक टिशू को बेहतर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. जिसे योनी में लगाया जाता है. इसकी शुरुआत 1998 में हुई. यह युरिनरी इंकॉन्टिनेंस स्ट्रेस का सामना कर रही महिलाओं के लिए सुरक्षित और आसान विकलप साबित हुआ.

लेकिन समय के साथ-साथ कॉम्लिकेशन्स सामने आने लगे. इन समस्याओं में क्रोनिक इंफ्लेमेशन भी शामिल रहा. इस जाल के सिकुड जाने, टिशू में दर्द पैदा करने, संक्रमण और योनि की दीवार के माध्यम से फलाव की समस्याएं सामने आने लगीं.

कैटरीना स्प्रेडली, तब 49, अप्रैल 2008 में एक हिस्टेरेक्टॉमी लेने वाली थीं. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने चिकित्सक से कहा कि उन्हें मूत्र संबंधी समस्याएं भी हैं. उन्होंने बताया कि हर बार जब वह हंसती, खांसती या छींकती थीं, तो मूत्र रिसाव होता था. ऐसा अक्सर होता था कि वह सैनिटरी पैड लगाती थीं. उन्होंने एक मूत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लिया और तय हुआ कि वे हिस्टेरेक्टॉमी के साथ ही योनि जाल भी लगा दिया जाएगा.

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