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भारत की ये गलती कहीं फिर ना चखा दे हार का दर्द

Posted at: Sep 16 , 2017 by Dilersamachar 9556

दिलेर समाचार,भारतीय बल्लेबाजी क्रम में जबरदस्त बदलवा देखा गया और उसका परिणाम भी सबने देखा। हालात तो ऐसे बन गए थे कि लग रहा था कि बस अब टीम इंडिया इस मुकाबले में हार जाएगी लेकिन भला हो धौनी का जिन्होंने टीम को संभाला और उनका भुवी ने खूब साथ निभाया। सवाल यहां ये है कि क्या भारतीय टीम का ऐसी हालत बल्लेबाजों का क्रम बदलने की वजह से हुई। इसका जवाब शायद हां भी है और ना भी लेकिन अब एक बात सामने आई है और वो ये कि भारतीय बल्लेबाजी क्रम में ऐसा बदलाव होता रहेगा। बदलाव तो ठीक है लेकिन कहीं ऐसे प्रयोग से भारतीय टीम को श्रीलंका जैसी कमजोर टीम के खिलाफ मैच गवांना ना पड़े। भारत को जीत के लिए आसान लक्ष्य मिला था और इसके बाद बारिश की वजह से जीत का लक्ष्य 231 हो गया था। भारतीय टीम का शुरुआत भी अच्छी रही और टीम के ओपनर बल्लेबाजों धवन और रोहित ने पहले विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी की। इतने शानदार शुरुआत के बाद भारतीय टीम का स्कोर एक वक्त पर 131 रन 7 विकेट हो गया और लगने लगा कि भारत ये मैच गवां देगा।

बल्लेबाजी क्रम में हुआ बदलाव इस मैच में भारतीय बल्लेबाजी क्रम में गजब का बदलाव देखने को मिला। तीसरे नंबर पर विराट की जगह लोकेश राहुल बल्लेबाजी करने आए और सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद चौथे नंबर पर एक बार फिर से सबको चौंकाते हुए केदार जाधव को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया और वो भी 1 रन बनाकर आउट हो गए। अब कप्तान विराट खुद पांचवें नंबर पर आए और वो भी 4 रन बनाकर आउट हो गए। इन सबकी बल्लेबाजी देखकर तो यही लग रहा था कि जिस क्रम पर इन्हें भेजा गया है वो उस नंबर पर खुद को बल्लेबाजी के लिए ढ़ाल नहीं पा रहे हैं। 

भारतीय टीम के फील्डिंग कोच ने कहा है कि ऐसा प्रयोग अागे के मैचों में जारी रहेगा और ये खिलाड़ियों को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। चलिए, टीम मैनेजमेंट की सोच सही है लेकिन जिन खिलाड़ियों का बल्लेबाजी क्रम बदला जा रहा है क्या वो खुद को इस फॉर्मुले में फिट कर पाएंगे और वो भी इतनी जल्दी। हर खिलाड़ी का अपना एक माइंडसेट होता है और वो उस क्रम पर खेलने के लिए मानसिक तौर पर तैयार रहता है। इस तरह के प्रयोग से उसके खेल पर असर पड़ना स्वाभाविक है। हां कभी-कभार के लिए इस तरह के प्रयोग सही हो सकते हैं लेकिन हर मैच में में इस तरह का प्रयोग जाहिर तौर पर टीम को हार की तरफ ही ले जाएंगे। टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई तो क्या टीम मैनेजमेंट उनसे ओपनिंग करवाएगी और अगर ऐसा हुआ तो इससे टीम पर क्या असर पड़ेगा। हर खिलाड़ी की टीम में अपनी एक भूमिका होती है और उसे उसकी भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जाना चाहिए ना कि उसके साथ प्रयोग किया जाए। ऐसा प्रयोग होता है और टीम हार जाती है तो इस हार की जिम्मेदारी कौन लेगा। क्या भारतीय क्रिकेट फैंस को ये मंजूर होगा कि श्रीलंका जैसी कमजोर टीम के खिलाफ भारतीय टीम को हार मिले। ठीक है प्रयोग हो लेकिन हार की कीमत पर तो कतई नहीं क्योंकि इससे भारतीय टीम का रुतबा विश्व क्रिकेट में गिरेगा। 

ये भी पढ़े: ओपनिंग को लेकर पेंच के चक्कर में फंसी भारतीय टीम

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