Logo
December 6 2022 02:31 AM

जब माता पार्वती से नाराज हो गई भगवान शिव की बहन

Posted at: Mar 5 , 2018 by Dilersamachar 9668

दिलेर समाचार, हमने शास्त्रों में अभी तक भगवान शिव माता पार्वती भगवान गणेश और कार्तिकेय के बारे में काफी पढ़ा या सुना है लेकिन क्या आपने कभी भगवान शिव की बहन के बारे में पढ़ा या सुना है। अगर नहीं तो आइए आज हम आपको भगवान शिव और उनकी बहन से जुड़ी एक रोचक कथा के बारे में बताते हैं।

भगवान शिव और माता पार्वती की शादी के पश्चात जब भी भगवान शिव ध्यान मन में रहते तो कैलाश पर्वत पर महिला की अनुपस्थिति के कारण माता पार्वती बहुत अकेला महसूस करती थी। एक दिन उनके मन में विचार आया कि काश मेरी कोई ननंद होती तो मैं अकेला महसूस नहीं करती। अपनी इच्छा के बारे में उन्होंने भगवान शिव को बताया इस पर भगवान शिव ने उनसे पूछा कि अगर मैं तुम्हें ननद लाकर दे दूं तो क्या तुम उस से अपना रिश्ता अच्छे से निभा पाओगे इस पर माता पार्वती ने भगवान शिव को हां में जवाब दिया।

माता पार्वती की जीद के कारण भगवान शिव ने आशावरी देवी नाम की एक देवी को अपनी माया से उत्पन्न किया और माता पार्वती से कहा कि यह लो यह आप की ननंद है। अपनी ननद को देखकर माता पार्वती बहुत खुश हुई और उनकी सेवा में लग गई। असावरी देवी ने एक बार भूख लगने पर माता पार्वती से भोजन मांगा, जिस पर माता पार्वती ने उन्हें भोजन परोसा लेकिन असावरी देवी सारा भोजन खा गई। यहां तक कि महादेव के लिए रखा भोजन भी उन्होंने नहीं छोड़ा। इस पर माता पार्वती को बहुत दुख हुआ।

इसके बाद असावरी देवी ने नहाने के बाद माता पार्वती से पहनने के लिए नए वस्त्र मांगे। माता पार्वती ने उन्हें नए वस्त्र दिए लेकिन वह छोटे पड़ गए, इस पर माता पार्वती दुखी हुई और उनके लिए नए वस्त्र ढूंढने लगी। इसी दौरान असावरी देवी को मजाक सूझा और उन्होंने माता पार्वती को अपने पैरों की दरार में छुपा लिया।

जब भगवान शिव वहां पहुंचे और उन्होंने असावरी देवी से माता पार्वती के बारे में पूछा तो असावरी देवी ने उनसे झूठ बोल दिया। इस पर भगवान शिव ने उनसे पूछा कि यह आप की शरारत तो नहीं। इस पर असावरी देवी ने हंसकर अपना पैर जोर से जमीन पर पटका, जिससे इनकी दरार में फंसी माता पार्वती नीचे गिर गई। अपनी ननंद के इस व्यवहार से माता पार्वती को बहुत दुख हुआ और उन्होंने गुस्से में भगवान शिव से कहा कि आपकी बहुत कृपा होगी, अगर आप अपनी बहन को ससुराल भेज दें। इस तरह महादेव ने असावरी देवी को कैलाश से विदा किया।

ये भी पढ़े: नवरात्रों के 9 दिन मां दुर्गा के नौ रूपों को लगाएं ये भोग, फिर देखें इसका चमत्कार

Related Articles

Popular Posts

Photo Gallery

Images for fb1
fb1

STAY CONNECTED