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Yoga Day 2018: जानिए अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस का इतिहास और रोचक तथ्‍य

Posted at: Jun 21 , 2018 by Dilersamachar 9364

दिलेर समाचार, नई दिल्ली: हर साल 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाया जाता है. भारतीय संस्‍कृति दुनिया की सबसे पुरानी संस्‍कृतियों में से एक है. भाारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है और इन्‍हीं में से एक योग भी है. आज योग सिर्फ भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है बल्‍कि अब इसे अंतरराष्‍ट्रीय ख्‍याति मिल चुकी है. इसे योग की महिमा ही कहा जाएगा कि आज दुनिया भर के लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्‍सा बना रहे हैं. काया को स्‍वस्‍थ और निरोगी बनाए रखने के लिए योग से बेहतर कुछ नहीं. यही नहीं योग आपके जीवन में सकारात्‍मक ऊर्जा भी लेकर आता है. यही वजह है कि हाल के दिनों में अगर सबसे ज्‍यादा क्रेज किसी का देखा गया है तो वह योग है.


यहां पर हम आपको योग दिवस के इतिहास और उससे जुड़ी रोचक जानकारी के बारे में बता रहे हैं:

कब मनाया जाता है योग दिवस?
दुनिया के लगभग सभी देश परस्पर सहमति से किसी एक मुद्दे पर एक साथ एक दूसरे का समर्थन करें तो यह मान लेना चाहिए कि जरूर वह मुद्दा वैश्विक हित से जुड़ा होगा. 21 जून को दुनियाभर में मनाया जाने वाला योग दिवस (International Yoga Day) ऐसा ही एक आयोजन है. संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का ऐलान करके पूरी दुनिया को स्वस्थ रहने का मंत्र दिया था.

कैसे हुई योग दिवस की शुरुआत?
दुनिया भर के कई देशों में लोग स्वस्थ रहने के लिए योग करते हैं. लेकिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत भारत की पहल के चलते हुई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था.

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा भारत के लिए एक महान पल था क्योंकि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव आने के मात्र तीन महीने के अंदर इसके आयोजन का ऐलान कर दिया.

महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा. जिसके बाद दुनिया भर के लोग हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाते है.

21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस?
21 जून के दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए चुनने की भी एक खास वजह है. दरअसल यह दिन उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कह सकते हैं. भारतीय संस्कृति के दृष्टिकोण से, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी है. इसी कारण 21 जून का दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए निर्धारित किया गया था.
भारत ने पहले अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस पर बनाया था रिकार्ड
21 जून 2015 को पहला अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में 35 हजार से अधिक लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने दिल्‍ली के राजपथ पर योग के 21 आसन किए थे. ​इस समारोह ने दो गिनीज रिकॉर्ड्स हासिल किए. पहला रिकार्ड 35,985 लोगों के साथ सबसे बड़ी योग क्लास और दूसरा रिकार्ड चौरासी देशों के लोगों द्वारा इस आयोजन में एक साथ भाग लेने का बना. 

 

इस साल देहरादून में होगा मुख्य योग कार्यक्रम
इस बार का मुख्य योग कार्यक्रम देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में होगा और साल के इस सबसे लंबे दिन लोग अपने जीवन को अधिक से अधिक लंबा और स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प लेंगे.

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