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May 23 2018 04:55 AM

मां ने देखा सपना, बेटी ने पा ली मंजिल, प्रधानमंत्री ने किया सम्मानित |

Posted at: May 1 , 2018 by Dilersamachar 5695
दिलेर समाचार, हिसार : कुश्ती में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकीं हिसार की बेटी पूजा ढांडा ने कॉमनवेल्थ में 57 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। नई दिल्ली में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोल्ड कोस्ट में आयोजित हुए राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं से मुलाकात की । अपने निवास स्थान पर आयोजित हुए एक समारोह में मोदी ने सभी पदक विजेताओं के साथ हिसार की बेटी पूजा ढांडा को भी सम्मानित किया व इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री ने खिलाडियों की पीठ भी थपथपाई | 
 
प्रधानमंत्री ने खिलाडियों की पीठ भी थपथपाई यह जान कर पूजा की माँ कमलेश ढांडा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा | माँ-बेटी दोनों एक-दूसरे से इस कदर आत्मीयता व संवेदना के तारों से जुड़े है की माँ कमलेश अपनी खुशी के आँसू ना रोक पाई | उनकी आँखों से आशु बहने लगे फिर ढोल-ढमाके के साथ आतिशबाजी की गई एवं मिठाइयां बांटी गई । पूजा की अब तक की छोटी, बड़ी, असाधारण कामयाबियों के पीछे उनके परिवार का बहुत बड़ा योगदान हैं। खासतौर पर पिता अजमेर ढांडा, माँ कमलेश ढांडा और भाई सुमित ढांडा का। एक मायने में पूजा ढांडा की कामयाबी का रहस्य उन्हें माता-पिता की मेहनत, लगन और उनके त्याग में भी छिपा है और इस बात में दो राय नहीं कि पूजा की ताकत को उनके माता-पिता अपने हैसियत और हिसाब से लगातार बढ़ाते रहे हैं ।
 
पूजा की माता ने खिलाड़ियों को दी सलाह
 
पूजा की माता कमलेश ने महिला खिलाड़ियों को सलाह देते हुए कहा कि खेलों के दौरान खिलाड़ी के साथ कोई अच्छी या बुरी बात हो तो उसे अपने परिजनों को जरुरत बताना चाहिए । उन्होंने कहा कि बेटियों पर जो अत्याचार करते हैं सरकार को उसके लिए सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए । पूजा की माता ने बताया कि उनकी इच्छा है कि अगले एशियाई खेलों में पूजा स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करे 
 
"गुड टच और बैड टच" के बारे में बच्चो को दे जानकारी |
 
पूजा की माँ बताती है की कुश्ती के साथ-साथ कई खेल  शारीरिक संपर्कता  (बॉडी कॉन्टेक्ट) जे जुड़े है इस लिए खेलों में करियर बनाने का सपना देखने वाले टीन एज के उभरे व छोटे बच्चो को खेलो से पहले कई जानकारी देना भी आवश्क है | जिस तरह हम अपने बच्चे को बचपन में खाना खाना, कपड़े पहनना, ब्रश करना समेत बाकी सभी चीजों की अ‍हमियत सिखाते हैं, उसी तरह उन्हें 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में बताना भी आवश्यक है. बेटियों के साथ बढ़ रहे छेड़खानी के मामलों से उनको बचाने के लिए यह बेहद जरूरी है | हालाकि सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है और उन्होंने सरकार द्वारा इस प्रयास की प्रशंसा भी की है |

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