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September 20 2018 12:00 PM

तो क्या सिर्फ पेट भरने के लिए खाते हैं भारतीय खाना...

Posted at: Sep 4 , 2018 by Dilersamachar 5357

दिलेर समाचार, भारतीयों के खान-पान में अनिवार्य विटामिनों की बड़ी अनदेखी देखी गई है. विटामिन ए, सी, बी 12 और फोलिक एसीड में प्रतिशत कमी के हिसाब से सबसे खराब स्थिति उत्तर भारत की है जबकि विटामिन बी 1 की सबसे अधिक कमी दक्षिण भारत में देखी गई. विटामिन बी 2 की सबसे अधिक कमी पश्चिम क्षेत्र के मरीजों में दर्ज की गई. डॉयग्नॉस्टिक चेन एसआरएल डॉयग्नास्टिक्स के साढ़े तीन सालों में 9.5 लाख से अधिक सैम्पल के विश्लेषण से यह निष्कर्ष सामने आया है. महिला एवं पुरुष आधारित विस्तृत विश्लेषण में देखा गया कि विटामिन ए, बी 2 और बी 6 की कमी महिलाओं में अधिक है जबकि पुरुषों में विटामिन सी एवं बी 12 की अधिक कमी है.

तेजी से शहरीकरण और साथ ही, जीवनशैली में आए बदलाव और खान-पान की गलत आदतों की वजह से स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण मानकों पर भारतीयों के पोषण में बड़ी कमियां पाई गई हैं. एसआरएल के डाटा के इस विश्लेषण ने स्पष्ट कर दिया है कि विटामिन ए, सी, बी 1, बी 6, बी 12 और फोलेट में जिस प्रकार की कमी है उससे लंबे समय में कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.

एसआरएल के विश्लेषण से यह सामने आया है कि विटामिन की कमी देश के अन्य हिस्सों की तुलना में सबसे अधिक उत्तर भारतीय आबादी में है. यह डाटा 2015 और 2018 के बीच पूरे भारत के 29 राज्यों और संघीय प्रदेशों के एसआरएल लैब्स में 9.5 लाख से अधिक सैम्पल की जांच पर आधारित है. 

एसआरएल डॉयग्नॉस्टिक में शोध-विकास एवं मोलेक्युलर पैथलॉजी के सलाहकार और मेंटर डॉ. बी आर दास ने बताया, "हर वर्ग के लोगों में जांच के परिणामों में असामान्यता पर ध्यान देने से यह सामने आया कि भारत के चारों क्षेत्रों में विटामिन सी, बी 1, बी 2, बी 12 और फोलिक एसीड की कमी की अधिक समस्या 31 से 45 वर्ष के लोगों में है. संभव है कि इसकी बड़ी वजह सफर करते हुए कुछ खा लेना या स्नैक्स में फास्ट फूड लेना है और दैनिक आहार में पोषक फल और सब्जियां नहीं होने से स्थिति और बिगड़ जाती है."

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